अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 36 का आंकड़ा रखने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन मिलाया। इस बातचीत के बाद पीएम मोदी ने बताया कि लूला जल्द ही भारत दौरे पर आएंगे। जानकारी के मुताबिक ब्राजीलियन राष्ट्रपति अगले महीने 19 से 21 फरवरी तक भारत दौरे पे आ सकते हैं। आपको बता दें कि ट्रंप ने जिन 2 देशों पर सबसे अधिक टैरिफ लगाया है, उनमें ब्राजील और भारत का नाम शामिल है। अमेरिका दोनों देशों से आयातित अधिकतर उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ वसूल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और लूला दा सिल्वा ने गुरुवार को हुई बातचीत के दौरान भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। वहीं दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों से निपटने में बहुपक्षवाद की भूमिका पर भी जोर दिया है। मामले से परिचित लोगो ने यह बताया कि लूला ने AI इंपैक्ट समिट में भाग लेने और अगले महीने मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए भारत की अपनी आगामी यात्रा पर चर्चा करने के लिए पीएम मोदी को फोन किया था। उन्होंने यह भी बताया कि लूला के 19-21 फरवरी के दौरान नई दिल्ली की यात्रा करने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने क्या बताया?
बातचीत के दौरान पीएम मोदी और लूला ने इस बात पर भी चर्चा की, कि ‘ग्लोबल साउथ’ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है। पीएम मोदी ने प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रपति लूला से बात करके खुशी हुई। हमने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की, जो आने वाले वर्ष में नई ऊंचाई को छूने वाली है।’’ उन्होंने आगे कहा, “ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा घनिष्ठ सहयोग अत्यंत महत्व्पूर्ण है। मैं जल्द ही भारत में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।”
ब्रिक्स के अहम सदस्य हैं भारत और ब्राजील –
ध्यान देने योग्य यह है कि भारत और ब्राजील दोनों ही ब्रिक्स के अहम सदस्य हैं। लूला ने इससे पहले पिछले साल अगस्त में पुष्टि की थी कि वह 2026 की शुरुआत में भारत की राजकीय यात्रा करेंगे। उस समय लूला ट्रंप के टैरिफ से निपटने के लिए ब्रिक्स समूह के सदस्यों को एकजुट करने के प्रयासों में लगे हुए थे। साथ ही, इस साल भारत समूह की अध्यक्षता भी कर रहा है।
अपने दूसरे कार्यक्रम में ट्रंप ने ब्रिक्स और उसके देशों को लगातार निशाना बनाया है और यही वजह है कि ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर तगड़ा टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप का दावा है कि यह गुट राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करके अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए काम कर रहा है।







