भारतीय जनता पार्टी के यूपी संगठन में होली के बाद दिखेंगे नए चेहरे
होली के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी को अंतिम रूप दिया जा रहा है और केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा, इस बार संगठन में महिलाओं, दलित और ओबीसी वर्ग की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, इसी कारण नई कार्यकारिणी में महिलाओं, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के नेताओं को अधिक अवसर देने की तैयारी है। इससे सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने में भी मदद मिलेगी।
पंकज चौधरी के नेतृत्व में तैयारियां
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है, संगठन चुनाव की लंबी प्रक्रिया के बाद अब अंतिम चरण का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि अधिकांश नामों पर सहमति बन चुकी है, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी केंद्रीय नेतृत्व से लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। होली के बाद नई टीम की घोषणा होने की संभावना है।
मंडल और जिलाध्यक्षों की घोषणा जारी
भाजपा संगठन के 98 जिलों में से 70 जिलाध्यक्षों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, इसके बाद कुछ और नामों का ऐलान हुआ, शेष जिलाध्यक्षों की घोषणा भी जल्द होने की उम्मीद है, लगभग 100 बचे हुए मंडल अध्यक्षों में से ज्यादातर के नाम घोषित किए जा चुके हैं, अब जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, पार्टी की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि इन पदों पर दलित, ओबीसी और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए।
क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
नई कार्यकारिणी में पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच संतुलन बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, पिछले कार्यकाल में जहां कुछ क्षेत्रों का प्रभाव अधिक माना गया, वहीं इस बार अन्य क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई जा रही है।
आगामी चुनावों पर नजर
संगठन में यह बदलाव केवल आंतरिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आगामी चुनावों से भी है, पार्टी चाहती है कि मजबूत और संतुलित संगठन के जरिए बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत की जाए महिलाओं और पिछड़े वर्गों की बढ़ी भागीदारी से पार्टी को सामाजिक आधार विस्तार की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, होली के बाद भाजपा के प्रदेश संगठन में नई ऊर्जा और नए चेहरों के साथ एक संतुलित टीम सामने आ सकती है, जो आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए पार्टी को तैयार करेगी।







