उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद तेज हो गई है, हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं, मंत्रिमंडल में किन चेहरों को जगह मिलेगी, इसे लेकर लगातार अटकलें लग रही हैं, इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा सपा की बागी विधायक पूजा पाल के नाम को लेकर हो रही है।
पूजा पाल का राजनीतिक सफर
चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक पूजा पाल को सपा से निष्कासित किया गया था, वजह थी कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की थी और अतीक अहमद व अशरफ गैंग के खिलाफ योगी सरकार के फैसलों की सराहना की थी।
पूजा पाल का आरोप है कि उनके पति और बसपा विधायक राजू पाल की हत्या अतीक अहमद ने करवाई थी, और इसी मामले में उन्हें न्याय मिला। उन्होंने विधानसभा में भी अतीक अहमद के साम्राज्य के अंत और योगी सरकार की भूमिका का उल्लेख किया, इससे पहले पूजा पाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार किया और सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं की तस्वीरें साझा कीं।
मुख्यमंत्री का समर्थन
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा पाल का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला था, उन्होंने कहा था कि माफियाओं पर कार्रवाई और न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, चाहे विधायक किसी भी पक्ष की क्यों न हो।
पूजा पाल के मंत्री बनने की संभावनाएं
सूत्रों की मानें तो पूजा पाल को मंत्रिमंडल में शामिल करने के पीछे राजनीतिक रणनीति भी है, वे दलित समाज से आती हैं और समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले का हिस्सा रही हैं, यदि पूजा पाल को मंत्री बनाया गया, तो भाजपा इस फॉर्मूले पर सवाल खड़ा कर सकती है और अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर सकती है।







