मधेपुरा सीट से चंद्रशेखर को मिला टिकट, शांतनु यादव ने सोशल मीडिया पर जताया दर्द
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तहत मधेपुरा सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से टिकट न मिलने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय शरद यादव के बेटे शांतनु यादव ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर किया है। उन्होंने लिखा — “मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र हुआ है, यह समाजवाद की हार है।”
शांतनु यादव को नहीं मिला टिकट, राजद ने प्रो. चंद्रशेखर पर जताया भरोसा
मधेपुरा सीट से RJD ने प्रो. चंद्रशेखर को उम्मीदवार बनाया है। इससे शांतनु यादव के समर्थकों में निराशा फैल गई है। शांतनु यादव पिछले कई महीनों से इलाके में सक्रिय थे और चुनावी तैयारी में पूरी ताकत से जुटे हुए थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, शांतनु को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें टिकट मिलेगा, लेकिन आखिरी वक्त में समीकरण बदल गए।
लोकसभा चुनाव 2024 में भी रह गए थे खाली हाथ
यह पहली बार नहीं है जब शांतनु यादव को टिकट को लेकर निराशा झेलनी पड़ी हो। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्हें मौका नहीं मिला था। उस समय पार्टी नेतृत्व ने भरोसा दिलाया था कि अगली बार विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट दिया जाएगा, लेकिन अब वह वादा अधूरा रह गया।
राजद नेतृत्व पर उठे सवाल, कार्यकर्ताओं में नाराज़गी
शांतनु यादव का टिकट कटने के बाद RJD के भीतर ही नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। कई स्थानीय कार्यकर्ता इसे “समाजवादी विचारधारा की अनदेखी” बता रहे हैं।
शांतनु यादव के समर्थकों का कहना है कि उनके पिता शरद यादव ने जिस समाजवादी धारा को मजबूत किया, आज उसी विचार को पार्टी किनारे कर रही है।
शांतनु बोले – ‘मैं समाजवाद की राह पर था, रहूंगा’
अपनी पोस्ट में शांतनु यादव ने लिखा,
“मैंने मधेपुरा में समाजवाद के लिए काम किया, लोगों के बीच रहा। लेकिन आज व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के आगे विचारधारा हार गई। यह सिर्फ मेरा नहीं, समाजवाद का नुकसान है।”
उन्होंने संकेत दिए कि वे भविष्य में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक अपनी अगली राजनीतिक रणनीति साफ नहीं की है। उन्होंने संकेत दिए कि वे भविष्य में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक अपनी अगली राजनीतिक रणनीति साफ नहीं की है।





