लखनऊ। साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग को अपना शिकार बनाते हुए डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 90 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी देकर करीब 25 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर किया डिजिटल अरेस्ट
साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्ग से संपर्क किया। कॉल के जरिए कहा गया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में शामिल हैं और जांच पूरी होने तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रहना होगा।
25 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा
ठगों ने बुजुर्ग को लगातार वीडियो कॉल और फोन के जरिए निगरानी में रखा। उन्हें किसी से बात न करने, घर से बाहर न निकलने और हर निर्देश मानने की धमकी दी गई। इस दौरान बुजुर्ग को भय और तनाव में रखा गया।
90 लाख रुपये की ठगी
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगों ने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। करीब 90 लाख रुपये बुजुर्ग से वसूल लिए गए। पैसे न देने पर गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी दी जाती रही।
साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित बुजुर्ग ने साइबर क्राइम थाना लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों से सावधान रहें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करती।
बुजुर्गों को बनाया जा रहा निशाना
इस घटना के बाद साफ हो गया है कि साइबर ठग खास तौर पर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करने की सलाह दी है।






