उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नए साल के मौके पर जहां शहर के प्रमुख इलाकों में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, वहीं कानून-व्यवस्था संभाल रही पुलिस के सामने एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। चौक थाना क्षेत्र के मणिकर्णिका घाट द्वार पर एक बीजेपी पार्षद के बेटे ने पुलिसकर्मी के साथ खुलेआम बदसलूकी कर दी, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी पार्षद का बेटा हिमांशु श्रीवास्तव अपने कुछ साथियों के साथ बाइक लेकर भीड़भाड़ वाले इलाके में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। मौके पर तैनात चौकी प्रभारी अभिषेक त्रिपाठी ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए बाइक आगे ले जाने से मना किया। यह इलाका धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां विशेष तिथियों और आयोजनों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
पुलिस की रोक-टोक से नाराज हिमांशु और दरोगा के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर हिमांशु ने दरोगा को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिसकर्मी के साथ इस तरह की बदसलूकी को देखकर मौके पर मौजूद स्थानीय लोग भड़क गए और उन्होंने युवक की मनबढ़ई का विरोध किया।
हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साई भीड़ ने हिमांशु और उसके साथियों की पिटाई कर दी।घटना के बाद घायल हिमांशु को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी अभिषेक त्रिपाठी की तहरीर पर हिमांशु श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजनीतिक रसूख के सहारे कानून को हाथ में लेने की कोशिश करने वालों पर सख्ती कब और कैसे होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और कानून व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रही है।






