निरीक्षण के दौरान रुककर दिखाई संवेदनशीलता, घायलों को खुद भिजवाया अस्पताल
मानवता की मिसाल बने मुख्य चिकित्साधिकारी
अमेठी जिले में उस समय मानवता और जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) अंशुमान सिंह स्वयं आगे आए। निरीक्षण पर निकले सीएमओ ने सड़क किनारे पड़े घायलों को देखकर तुरंत अपना काफिला रुकवाया और बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।
तेज रफ्तार ओमनी वैन ने बाइक सवारों को मारी टक्कर
यह घटना जायस थाना क्षेत्र के पूरे मुर्गिया गांव के पास की है, जहां तेज रफ्तार ओमनी वैन ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
निरीक्षण के दौरान घायलों पर पड़ी CMO की नजर
इसी दौरान फुरसतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण पर जा रहे सीएमओ अंशुमान सिंह की नजर सड़क किनारे पड़े घायलों पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपना वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
तत्काल अस्पताल भिजवाकर बचाई जान
सीएमओ अंशुमान सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सुरक्षित वाहन में बैठवाया और तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जिससे उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। उनकी त्वरित कार्रवाई से घायलों को बड़ी राहत मिली और स्थिति को गंभीर होने से बचा लिया गया।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
सीएमओ की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि अगर समय पर मदद न मिलती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे। यह घटना एक जिम्मेदार अधिकारी की संवेदनशील सोच और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है।
संवेदनशील प्रशासन की प्रेरक तस्वीर
यह मामला न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करता है कि जब अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो वे समाज के लिए वास्तविक देवदूत बन जाते हैं।



