जब पूरी दुनिया नए साल की आतिशबाज़ी में डूबी थी, तब उत्तर प्रदेश में इंसाफ की एक ऐसी तस्वीर उभर रही थी, जिसने हर आंख नम कर दी। एक शहीद सैनिक की बेटी, जिसे दबंगों ने सालों तक रौंदा, मानसिक बीमारी तक पहुंचा दिया और उसके सिर से छत छीन ली उसी बेटी के लिए नया साल उम्मीद, सम्मान और न्याय लेकर आया। सीएम योगी आदित्यनाथ के एक सख्त आदेश ने 24 घंटे में भूमाफिया साम्राज्य को ज़मींदोज कर दिया।
करोड़ों का मकान वापस मिला, दबंग सलाखों के पीछे पहुंचे और उस बेटी की जुबान से निकला “गॉड ब्लेस यू योगी अंकल!” एक तरफ पूरी दुनिया नए साल के जश्न में डूबी थी, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में एक ऐसी बेटी को इंसाफ मिल रहा था, जो बीते कई वर्षों से दबंगों की प्रताड़ना झेल रही थी। दरअसल, चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव ने दिवंगत मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की करोड़ों की ज़मीन पर कब्जा कर लिया था।
लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित ए-418 नंबर का मकान भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने नाम करा लिया गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर महज़ 24 घंटे के भीतर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और पूर्व मेजर की बेटी अंजना को उनका मकान वापस दिला दिया गया। इस दौरान भूमाफिया और कब्जाधारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दबंगों की प्रताड़ना ने अंजना को इस कदर तोड़ दिया था कि वे सीजोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी की शिकार हो गईं।
मजबूरी में उन्हें रिहैब सेंटर में रहना पड़ा। लेकिन नए साल का पहला दिन उनके जीवन में बरसों बाद खुशियां लेकर आया। अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में सेवारत थे। उनका निधन वर्ष 1994 में हो गया था। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, लेकिन समय के साथ बेटे और एक बेटी का भी निधन हो गया। परिवार में अकेली बचीं अंजना की इस मजबूरी का फायदा उठाकर बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने मकान पर अपना बोर्ड लगा दिया और जबरन कब्जा कर लिया। 2016 में अंजना की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू हुआ। इसी दौरान दबंगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान को अपने नाम करा लिया। जब इसकी जानकारी अंजना को मिली तो उन्होंने न्याय की आखिरी उम्मीद के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का अनुरोध किया। 31 दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंजना को अपने आवास पर बुलाया।
देश की सेवा करने वाले एक सैनिक की बेटी की पीड़ा को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उन्हें 24 घंटे के भीतर न्याय मिलेगा। और ठीक अगले दिन, 1 जनवरी 2026 को दोपहर से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई पूरी कर अंजना को उनके मकान पर कब्जा दिला दिया। पुलिस और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में जैसे ही अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वे हर कमरे में गईं, दीवारों को चूमा, नारियल फोड़ा, दीप जलाया और अपने बीते दिनों की यादों में खो गईं।
पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वे रोने लगीं। वर्षों बाद अपने घर में कदम रखते ही अंजना भावुक हो उठीं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे और जुबान पर सिर्फ एक ही शब्द “योगी अंकल महान हैं… गॉड ब्लेस यू योगी अंकल!” निर्वाण रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया और महज़ 24 घंटे में जांच पूरी कर मकान खाली करा दिया गया।एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नया साल अंजना के लिए सिर्फ तारीख का बदलाव नहीं, बल्कि इंसाफ, सम्मान और सुरक्षा की वापसी बनकर आया — और यह संदेश भी कि उत्तर प्रदेश में अब दबंगों का नहीं, कानून का राज है।




