घने कोहरे का फायदा उठाकर बैरकों से निकलकर हुए फरार
लखनऊ।जिला कारागार कन्नौज से दो विचाराधीन बंदियों के फरार होने की गंभीर घटना सामने आई है। यह घटना सोमवार तड़के घटित हुई, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फरार बंदियों की पहचान अंकित पुत्र प्रेम चन्द्र और डम्पी उर्फ शिवा पुत्र भजनलाल के रूप में हुई है।
अहाता संख्या-4 की अलग-अलग बैरकों में थे निरुद्ध
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंदी अंकित अहाता संख्या-4 की बैरक संख्या-10 में जबकि बंदी डम्पी उर्फ शिवा अहाता संख्या-4 की बैरक संख्या-8 में निरुद्ध था। दोनों बंदियों को कार्य पर लगाया गया था, लेकिन घने कोहरे के चलते कार्य हेतु कमान नहीं निकाली गई थी।
मुख्य प्राचीर से पोस्ट संख्या-1 और 2 के बीच से किया पलायन
इसके बावजूद दोनों बंदी बैरकों से बाहर निकलकर कारागार परिसर में पहुंचे और मुख्य प्राचीर की पोस्ट संख्या-1 एवं 2 के मध्य से कारागार से फरार हो गए। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राथमिक जांच में सुरक्षा में लापरवाही उजागर
प्रथम दृष्टया जांच में जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में
शिवेन्द्र सिंह यादव (जेल वार्डर, बैरक प्रभारी)
शिवचरन (हेड जेल वार्डर, सर्किल गश्त ड्यूटी)
बद्री प्रसाद (उप कारापाल, लॉकिंग-अनलॉकिंग प्रभारी)
विनय प्रताप सिंह (कारापाल)
को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाह पाया गया है।
चार जेल कर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित
घटना की गंभीरता को देखते हुए कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग ने चारों जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।
जिला कारागार अधीक्षक की भूमिका की जांच शुरू
इस पूरे मामले में जिला कारागार कन्नौज के अधीक्षक की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच उपमहानिरीक्षक कारागार, कानपुर परिक्षेत्र द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है।
फरार बंदियों की तलाश में पुलिस और जेल प्रशासन सक्रिय
उधर, फरार दोनों विचाराधीन बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जेल प्रशासन द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।



