लखनऊ।केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) से जुड़ा यौन शोषण और धर्मान्तरण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पुलिस जांच में जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे यह मामला संगठित नेटवर्क और करोड़ों की अवैध लेन-देन की ओर इशारा कर रहा है। आरोपी डॉक्टर रमीज पर अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे साफ हो गया है कि अब मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी न सिर्फ यौन शोषण के मामलों में संलिप्त था, बल्कि धर्मान्तरण को एक संगठित धंधे के रूप में चला रहा था, जिसमें मोटी रकम वसूली जाती थी।
आरोपी के लंबे समय से फरार रहने के चलते पुलिस ने अब संपत्ति कुर्क करने का रास्ता अपनाया है, ताकि उसे कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
आरोपी डॉ. रमीज के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी
केजीएमयू यौन शोषण और धर्मान्तरण प्रकरण में पुलिस ने आरोपी डॉ. रमीज के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा में पेश नहीं होता है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
पीलीभीत और उत्तराखंड स्थित आवासों पर चस्पा होगा नोटिस
पुलिस ने आरोपी के पीलीभीत और उत्तराखंड स्थित आवासों की पहचान कर ली है। इन दोनों स्थानों पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया जाएगा। इसके लिए आज दो विशेष पुलिस टीमें भेजी जा रही हैं, जो मौके पर पहुंचकर विधिक कार्रवाई पूरी करेंगी।
हाजिर नहीं हुआ तो कुर्क होगी संपत्ति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी डॉ. रमीज को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। यदि वह अब भी पुलिस के सामने पेश नहीं होता है, तो संपत्ति कुर्क कर आगे की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था आरोपी
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी डॉ. रमीज करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन संपर्कों का इस्तेमाल धर्मान्तरण या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया गया।
धर्मान्तरण के पीछे मोटी रकम वसूलने का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का मुख्य उद्देश्य धर्मान्तरण के जरिए भारी रकम वसूलना था। आरोप है कि दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के धर्मान्तरण के बदले करीब 15 लाख रुपये की रकम ली गई या ली जानी थी।
नॉन-मेडिकल लोगों के लिए तय था रेट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने नॉन-मेडिकल लोगों के धर्मान्तरण के लिए लगभग 5 लाख रुपये की रकम तय कर रखी थी। इस एंगल से पुलिस आर्थिक लेन-देन और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है।
हर पहलू पर पुलिस की गहन जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को यौन शोषण, जबरन धर्मान्तरण, अवैध फंडिंग और नेटवर्किंग के एंगल से जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर बिंदु पर गहन पड़ताल की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।





