अवैध निर्माण मामलों में लापरवाही उजागर
लखनऊ।लखनऊ में अवैध निर्माण के मामलों में गंभीर लापरवाही बरतने वाले आठ अधिकारियों को दोषी पाया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन अधिकारियों ने समय रहते अवैध निर्माण के खिलाफ न तो प्रभावी कार्रवाई की और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित किया।
चिनहट क्षेत्र में अवैध ग्रुप हाउसिंग का मामला
लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में अवैध ग्रुप हाउसिंग निर्माण के मामले में सहायक अभियंता सत्येंद्र को दोषी ठहराया गया है। जांच में पाया गया कि उनके स्तर से समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
खरगापुर के फरीदी नगर में ध्वस्तीकरण आदेश की अनदेखी
खरगापुर के फरीदी नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण आदेश का अनुपालन न कराने के मामले में सहायक अभियंता एन.एन. चौबे को दोषी पाया गया है।
नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण न रोकने के आरोप
अवैध निर्माण को न रोकने, ध्वस्तीकरण न कराने और नियमों की अनदेखी के आरोप में
अवर अभियंता सुरेंद्र कुमार द्विवेदी
सहायक अभियंता शिवा सिंह
अवर अभियंता सुभाष चंद्र शर्मा
को दोषी ठहराया गया है।
विद्युत यांत्रिक विभाग के अवर अभियंता पर कार्रवाई
चिनहट क्षेत्र में अवैध ग्रुप हाउसिंग के खिलाफ कार्रवाई न करने पर विद्युत यांत्रिक विभाग के अवर अभियंता श्रीराम चौहान को भी दोषी पाया गया है।
देवा रोड, ग्राम धावा में अवैध रो-हाउस निर्माण
देवा रोड स्थित ग्राम धावा में अवैध रूप से बन रहे रो-हाउस के मामले में अवर अभियंता विभोर श्रीवास्तव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
आगे और कड़ी कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।





