उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के लिए चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। यदि किसी मतदाता का नाम इस ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है, तो उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। ड्राफ्ट सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन कराने के लिए अलग-अलग फॉर्म तय किए गए हैं। ये सभी फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरे जा सकते हैं। आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पते से जुड़े दस्तावेज़ लगाना अनिवार्य होगा।
नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 कैसे भरें?
अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या पहली बार पंजीकरण कराना है, तो फॉर्म-6 भरना होगा। इसमें आवेदक को अपना नाम राज्य की भाषा और अंग्रेजी (कैपिटल लेटर) में भरना होगा। हाल की पासपोर्ट साइज फोटो भी लगानी होगी।इसके साथ पिता, माता, पति/पत्नी में से किसी एक का विवरण देना जरूरी है। अनाथ व्यक्ति के लिए अभिभावक और तीसरे लिंग के आवेदकों के लिए गुरु का नाम दर्ज किया जा सकता है। संपर्क जानकारी के तौर पर मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दी जा सकती है—खुद की या फिर किसी नजदीकी रिश्तेदार की।आधार नंबर देना वैकल्पिक है। यदि आधार उपलब्ध नहीं है तो इसकी घोषणा की जा सकती है। जन्मतिथि, लिंग, वर्तमान पता और पते के प्रमाण की स्व-सत्यापित प्रति भी आवेदन के साथ देनी होगी।
साधु-संत और थर्ड जेंडर के लिए क्या नियम हैं?
साधु-संत, किन्नर और तीसरे लिंग के आवेदक भी सामान्य प्रक्रिया के तहत फॉर्म भर सकते हैं। जन्मतिथि या आयु से जुड़ा कोई वैध प्रमाण पत्र लगाना होगा। यदि किसी तरह की दिव्यांगता है, तो उसका विवरण देना वैकल्पिक रहेगा।
फॉर्म-7 किस काम आता है?
अगर वोटर लिस्ट में किसी का नाम गलत तरीके से शामिल हो गया है, किसी का नाम दो बार दर्ज है, कोई व्यक्ति स्थान बदल चुका है या फिर उसकी मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसे मामलों में फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।इस फॉर्म में आपत्ति करने वाले और जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति है, दोनों का विवरण भरना होता है। साथ ही नाम हटाने या आपत्ति करने का स्पष्ट कारण भी बताना जरूरी होता है।
फॉर्म-8 से क्या संशोधन होगा?
मतदाता सूची में नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, फोटो या अन्य विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरा जाता है। इसी फॉर्म से निवास स्थान बदलने की जानकारी भी अपडेट की जा सकती है। यदि वोटर आईडी कार्ड खो गया है, खराब हो गया है या किसी आपदा में नष्ट हो गया है, तो डुप्लीकेट EPIC कार्ड के लिए भी फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। खोने की स्थिति में एफआईआर या पुलिस रिपोर्ट की प्रति लगानी होगी।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विकल्प
जो मतदाता स्वयं को दिव्यांग (PwD) के रूप में दर्ज कराना चाहते हैं, वे फॉर्म-8 में दिव्यांगता का प्रकार, उसका प्रतिशत और प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं।





