राज्य स्तरीय विवेकानंद युवा पुरस्कारों के वितरण और राष्ट्रीय युवा उत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं, भारत की सांस्कृतिक चेतना और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से विचार रखे। इस कार्यक्रम के दौरान खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत प्रदेश को खेल अधोसंरचना की बड़ी सौगात देते हुए 5 मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल का लोकार्पण और 3 ग्रामीण स्टेडियमों का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वे उस महान युवा संन्यासी को कोटि-कोटि नमन करते हैं, जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की संस्कृति, उसकी आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपरा को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे एक युग प्रवर्तक थे। उनकी जीवन यात्रा नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने तक की यात्रा थी, जो एक साधक से मानवता के मार्गदर्शक बनने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक भारत की संस्कृति को आत्मविश्वास के साथ पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया और गर्व के साथ कहा कि वे हिंदू हैं। यही कारण है कि आज पूरा देश उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है, क्योंकि उनके विचार हर भारतीय, विशेषकर युवाओं को आगे बढ़ने और संघर्ष से न डरने की प्रेरणा देते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कठोपनिषद के प्रसिद्ध मंत्र “उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको यह मंत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना विवेकानंद के समय था। यह केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यदि समाज और राष्ट्र में परिवर्तन लाना है तो लीक से हटकर चलने का साहस हमें स्वामी विवेकानंद से ही मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्पष्ट दिशा और विजन दिया है। वर्ष 2022 में उन्होंने विकसित भारत का संकल्प देश के सामने रखा था कि जब भारत अपनी आज़ादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब भारत कैसा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों के सतत प्रयासों का परिणाम है कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब दुनिया भारत की बात सुनने को तैयार नहीं थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज दुनिया का कोई भी बड़ा फैसला भारत के बिना अधूरा माना जाता है। यह भारत की नई ताकत, नई पहचान और समर्थ भारत का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोलते हैं तो दुनिया उन्हें ध्यान से सुनती है और उनके नेतृत्व का अनुसरण करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब कई देशों में अस्थिरता और उथल-पुथल है, तब चारों ओर से यही आवाज़ उठती है कि भारत आगे आए और मार्गदर्शन करे। यह विश्वास यूं ही नहीं बना है, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, उसकी स्थिरता और सबसे बढ़कर उसकी युवा शक्ति पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के कल्याण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश में अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं और यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न तो सिफारिश चलती है और न ही पैसे का लेनदेन। योग्यता ही रोजगार का एकमात्र आधार है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज की यूपी में लोगों को नौकरियां तो मिल रही हैं, लेकिन महाभारत काल के रिश्ते दिखाकर वसूली करने वालों के दिन अब खत्म हो चुके हैं। यदि कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो उसे जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया योजना के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है। मल्टीपर्पज हॉल और ग्रामीण स्टेडियमों के निर्माण से गांव और कस्बों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।



