सिद्धार्थनगर जिले में प्रभारी मंत्री एवं श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विकसित भारत जी राम जी योजना की जानकारी देने के लिए जिले का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और बाद में मीडिया से भी बातचीत की।
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ग्राम विकास को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई विकसित भारत जी राम जी योजना का वे पूरी तरह स्वागत करते हैं, उन्होंने बताया कि जहां मनरेगा के तहत ग्रामीणों को केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं इस नई योजना के अंतर्गत 125 दिनों तक रोजगार देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक मजदूरों की मजदूरी में देरी और कटौती जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस नए कानून के तहत यदि मजदूरी समय पर नहीं मिलती है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ही नए और सख्त प्रावधान किए गए हैं।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि यदि सरकार किसी कारणवश 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाती है, तो श्रमिकों को रोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा, इसके साथ ही शहरों और कस्बों में विभिन्न चौराहों पर खड़े रहने वाले मजदूरों के लिए हर चौराहे पर लेबर अड्डा बनाने की योजना पर उत्तर प्रदेश सरकार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के स्किल डेवलपमेंट के लिए भी जल्द ही नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें, इसके अलावा फुटपाथों पर सोने वाले श्रमिकों को आश्रय देने के लिए प्रदेश के सभी महानगरों, कस्बों और जिला मुख्यालयों पर आश्रय योजना लाई जा रही है।
मजदूरी बढ़ोतरी को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसके लिए एक बोर्ड का गठन किया गया है, बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही श्रमिकों के वेतन में वृद्धि की जाएगी।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अनिल राजभर ने कहा कि 2027 से पहले उत्तर प्रदेश को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जाएगा, साथ ही प्रदेश में बढ़ रही भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार गंभीर है उन्होंने बताया कि भिखारियों का पंजीकरण कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है, ताकि 2027 तक सड़कों पर कोई भी व्यक्ति भीख मांगने को मजबूर न हो।





