रायबरेली। भीषण ठंड के इस मौसम में जब इंसान भी अलाव और कंबलों के सहारे राहत तलाश रहा है, ऐसे समय में बेसहारा और ग्रामीण क्षेत्रों में रह रही गौमाताओं की पीड़ा को समझते हुए रायबरेली जनपद के गेंगासो निवासी समाजसेवी महेंद्र पांडेय ने एक अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने क्षेत्र में घर-घर जाकर गायों के लिए कंबल वितरण का अभियान शुरू किया, जिससे ठंड से जूझ रही गौमाताओं को राहत मिल सके।
महेंद्र पांडेय का यह अभियान केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं है। उन्होंने बीमार और घायल गायों के उपचार की भी समुचित व्यवस्था कराई है। पशु चिकित्सकों की मदद से गायों की नियमित जांच, दवाइयों की उपलब्धता और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। कई स्थानों पर ठंड से कांपती, बीमार और उपेक्षित गायों को समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति में स्पष्ट सुधार देखा गया है।
इस सेवा अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और नगरवासियों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। लोग स्वेच्छा से कंबल, चारा और आर्थिक सहयोग देकर इस पुनीत कार्य में हाथ बंटा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने महेंद्र पांडेय की पहल की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे मानवता, करुणा और सनातन संस्कृति से जुड़ा कार्य बताया।
इस अवसर पर महेंद्र पांडेय ने कहा, “गाय हमारी संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। ठंड, भूख और बीमारी से गौमाता को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह सेवा कार्य किसी एक दिन का नहीं, बल्कि निरंतर चलता रहेगा।”
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गौशालाओं को लेकर उनके बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। महेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय गौवंशों की उपेक्षा हुई, जबकि वर्तमान में भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गौ-संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में गौवंशों की सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था है।
महेंद्र पांडेय की इस पहल का सकारात्मक असर पूरे क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। गौ-संरक्षण और सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अन्य सामाजिक संगठन व युवा भी इस दिशा में आगे आने लगे हैं। कई लोग प्रेरित होकर अपने स्तर से गौसेवा, चारा वितरण और उपचार जैसे कार्य शुरू कर रहे हैं।
निस्संदेह, महेंद्र पांडेय का यह प्रयास न केवल ठंड से राहत देने वाला है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि करुणा, सेवा और संवेदना से ही सशक्त समाज का निर्माण होता है। उनकी गौ-सेवा आज क्षेत्र में एक मिसाल बन चुकी है और आने वाले समय में यह अभियान और भी व्यापक रूप लेने की उम्मीद है।






