बिहार के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र में राम नवमी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने ऐसा बयान दिया जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आज देश में दो वर्गों को खलनायक की तरह पेश किया जा रहा है – एक मुस्लिम समाज और दूसरा सवर्ण समाज। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यह बात कई लोगों को अंदर तक चोट पहुंचा सकती है।
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राम नवमी के कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देश की राजनीति अब जाति और वर्ग के आधार पर खड़ी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर लगभग सभी राजनीतिक दल खड़े नजर आते हैं, लेकिन जब बात सवर्ण समाज की आती है तो कोई भी खुलकर उनके पक्ष में खड़ा नहीं दिखता।उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर कोई ऐसी पार्टी है जो सवर्ण समाज की आवाज बनकर खड़ी है तो उसका नाम बताया जाए। उनके इस बयान को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी काफी चर्चा देखने को मिली। बृजभूषण शरण सिंह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि समाज को बांटने की राजनीति देश के लिए ठीक नहीं है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी बात कड़वी जरूर लग सकती है लेकिन यह जमीनी सच्चाई है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्षी दल जहां इस बयान पर सवाल उठा सकते हैं, वहीं समर्थक इसे सामाजिक संतुलन की बहस से जोड़कर देख रहे हैं।राम नवमी जैसे धार्मिक मंच से दिए गए इस बयान ने एक बार फिर जातीय और सामाजिक समीकरणों की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि इस बयान पर अन्य राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है और यह मुद्दा आने वाले समय में कितना तूल पकड़ता है।






