Home Bihar सीएम आवास के बाहर पोस्टर लगने से बढ़ी सियासी हलचल, क्या BJP...

सीएम आवास के बाहर पोस्टर लगने से बढ़ी सियासी हलचल, क्या BJP से नाराज़ हैं चिराग पासवान?

2
0
यूपी चुनाव से पहले एक्टिव हुई चिराग पासवान की पार्टी, CM आवास के बाहर पोस्टर से बढ़ी सियासी चर्चा

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती नजर आ रही हैं, अब Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने भी प्रदेश की राजनीति में सक्रिय दखल देने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी सांसद Arun Bharti के बयान और हालिया पोस्टरों ने यूपी की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने संकेत दिए हैं कि पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और आने वाले समय में प्रदेशभर में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, अरुण भारती ने दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी इन वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाएगी।

Also Read – Suriya की ‘Karuppu’ रिलीज से पहले संकट में, फर्स्ट डे फर्स्ट शो कैंसिल होने से फैंस निराश

पोस्टरों से दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

प्रदेश के कई हिस्सों में पार्टी की ओर से लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पोस्टरों पर लिखा है “क्यों मांगे नेता उधार, जब अपना नेता है तैयार,” इसी तरह का एक पोस्टर मुख्यमंत्री आवास कालीदास मार्ग के बाहर लगाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं, इसे यूपी की राजनीति में लोजपा की बढ़ती सक्रियता और नई रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

निषाद पार्टी और सुभासपा के लिए चुनौती?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोजपा की रणनीति भाजपा नीत गठबंधन के सहयोगी दलों जैसे निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की हो सकती है।

विशेषकर बिहार सीमा से सटे इलाकों और दलित-पिछड़े मतदाताओं वाले क्षेत्रों में पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश में जुटी दिखाई दे रही है, ऐसे में आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

यूपी की राजनीति में बढ़ेगी नई हलचल?

लोजपा (रामविलास) की बढ़ती सक्रियता को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, पार्टी जिस तरह से सामाजिक समीकरणों और संगठन विस्तार पर फोकस कर रही है, उससे यूपी की राजनीति में नई हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here