उत्तराखंड सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल के तहत पिथौरागढ़ जनपद में शुक्रवार को एक बड़ा जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज सातशिलिंग में हुए इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने स्वयं मौजूद रहकर आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में न्याय पंचायत बीसा बजेड क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने टूटी नालियों और सड़कों के निर्माण, फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़, नियमित पेयजल आपूर्ति, राशन कार्ड व अन्य सरकारी दस्तावेजों के निर्माण, चेक डैम निर्माण तथा खेल मैदान जैसी मूलभूत समस्याएं और मांगें रखीं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को एक-एक मामले पर जवाबदेह ठहराते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की योजनाएं दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचे और जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसुनवाई से समस्याओं के निस्तारण में तेजी आई है।
कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि के चेक और महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई। प्रशासन के अनुसार इस जनसुनवाई में कुल 683 लाभार्थियों की समस्याओं का समाधान किया गया।
इस अवसर पर पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल, राज्यमंत्री गणेश भंडारी, राज्यमंत्री अशोक नबियाल, जिलाधिकारी आशीष भटगई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, उप जिलाधिकारी मनजीत सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी आशुतोष सिंह, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह जनसुनवाई कार्यक्रम आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने और त्वरित समाधान देने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हुआ।




