3 सदस्यीय SIT गठित, 5 दिन में रिपोर्ट—प्रदेशभर में दुर्घटना संभावित स्थलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
लखनऊ। नोएडा में सामने आई दर्दनाक घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए न केवल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, बल्कि पूरे प्रदेश में संभावित दुर्घटना स्थलों को चिन्हित कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील और निर्णायक पहल से यह संदेश साफ है कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ जांच तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पूर्ण रोकथाम है।
नोएडा हादसे में एक युवक की असमय मौत को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए मुख्यमंत्री ने अफसरशाही को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जवाबदेही तय होगी और रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत की जाएगी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) को सीमित समयसीमा में निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कर सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि प्रदेश में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा प्रशासनिक संदेश है
उच्चस्तरीय SIT का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व ADG जोन मेरठ करेंगे, जबकि मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भी जांच में शामिल किया गया है।
SIT को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह हर पहलू की जांच कर पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे।
राज्यव्यापी सुरक्षा ऑडिट के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को चेतावनी मानते हुए पूरे प्रदेश में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी स्थानों पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ऐसी घटना दोबारा न हो—सीएम का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में इस प्रकार की लापरवाही से जान न जाए। सड़क, नाले, अंडरपास और निर्माणाधीन क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा 16 जनवरी की देर रात हुआ, जब एक निजी कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी कार से सोसाइटी की ओर जा रहा था। रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर पानी से भरे गहरे नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शोकाकुल परिवार के साथ सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत युवक के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी।
नोएडा हादसे पर मुख्यमंत्री योगी की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि प्रदेश सरकार जनसुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जांच, जवाबदेही और भविष्य की रोकथाम—तीनों मोर्चों पर सरकार ने एक साथ कदम बढ़ा दिए हैं।



