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सरकारी खजाने में सेंध! NCB का तत्कालीन मालखाना इंचार्ज गिरफ्तार, करोड़ों की नकदी गबन का खुलासा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) लखनऊ कार्यालय से जुड़े एक पुराने गंभीर मामले में तत्कालीन मालखाना इंचार्ज को गिरफ्तार किया गया है। मामला जब्त नकदी में भारी गबन से जुड़ा है, जिसने उस वक्त पूरे विभाग को हिला कर रख दिया था। वर्षों की जांच के बाद अब जाकर EOW को इस केस में बड़ी सफलता मिली है।

EOW की बड़ी कार्रवाई, वांछित आरोपी गिरफ्तार

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजेन्द्र कुमार दुबे को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। वह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, महानगर लखनऊ में तत्कालीन आसूचना अधिकारी और मालखाना इंचार्ज के पद पर तैनात था। उस पर सरकारी धन में भारी अनियमितता और गबन का गंभीर आरोप है।

जब्त नकदी से करोड़ों गायब होने का मामला

पूरा मामला वर्ष 2013 का है, जब अमीनाबाद स्थित एक दवा कारोबारी से एनसीबी द्वारा करीब 52 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई थी। यह राशि एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक केस में मालखाना में जमा कराई गई थी।

समिति की जांच में खुला गबन का राज

करीब दो साल बाद, जब न्यायालय के आदेश पर जब्त रकम को बैंक में जमा कराने के लिए मालखाना खोला गया, तो बड़ा झटका लगा। कैश पेटी में मौजूद रकम जब गिनी गई, तो उसमें 42 लाख रुपये से अधिक की कमी पाई गई। केवल लगभग 10 लाख रुपये ही शेष मिले।

थाने से EOW तक पहुंची जांच

इस गंभीर अनियमितता के बाद लखनऊ के महानगर थाने में गबन का मुकदमा दर्ज किया गया। शुरुआती जांच स्थानीय स्तर पर हुई, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन के आदेश पर इसकी विवेचना EOW को सौंप दी गई।

जांच में सामने आए पांच दोषी

EOW की विस्तृत जांच में कुल पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई। जांच एजेंसी के मुताबिक, मालखाना की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी की भूमिका सबसे अहम पाई गई, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।

लखनऊ से हुई गिरफ्तारी

राजेन्द्र कुमार दुबे को 20 जनवरी 2026 को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। EOW अब उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि गबन की गई रकम कहां गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

सरकारी विभागों में जवाबदेही पर सवाल

इस मामले ने सरकारी विभागों में जब्त संपत्ति और नकदी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। EOW का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि अन्य लोग भी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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