Home Sports News उत्तर प्रदेश को मिलेगी विश्वस्तरीय खेल शिक्षा की नई पहचान

उत्तर प्रदेश को मिलेगी विश्वस्तरीय खेल शिक्षा की नई पहचान

79
0

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय राज्य में खेलों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मई तक हर हाल में विश्वविद्यालय का कार्य पूरा किया जाए।

समयबद्ध निर्माण पर ज़ोर

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे होने चाहिए, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र से अपने स्वयं के कैंपस में संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो।

विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम की तैयारी

सीएम योगी ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ऐसे हों जो कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। यहां डिप्लोमा, डिग्री और रिसर्च से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और प्रशिक्षण मिल सके।

खेल संस्कृति को मिला नया आयाम

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है, सरकार ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रोत्साहन और अवसर प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, उन्होंने इसे सौभाग्य बताया कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय का विस्तार और स्थान

यह विश्वविद्यालय सरधना में गंग नहर के किनारे 90 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहा है, इसके अतिरिक्त 10 एकड़ भूमि और दिए जाने की योजना है, पहले चरण का कार्य मार्च तक पूरा होगा और 31 मई तक शेष कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

मेरठ की खेल पहचान को मिलेगा बढ़ावा

सीएम योगी ने बताया कि मेरठ ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत स्पोर्ट्स आइटम को अपना प्रमुख उत्पाद बनाया है। यह विश्वविद्यालय न केवल मेरठ बल्कि पूरे प्रदेश को खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

लक्ष्य: वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी

सरकार की कोशिश है कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाए, जहां से निकलने वाले खिलाड़ी और प्रशिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here