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गणतंत्र दिवस पर तिरंगा क्यों खोला जाता है, फहराया नहीं जाता? जानिए आसान भाषा में

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भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। यह दिन इसलिए खास है क्योंकि 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ था और भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। हर साल कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड, राज्यों की झांकियां और वायुसेना का फ्लाई-पास्ट इस दिन की पहचान हैं।अक्सर लोगों के मन में एक सवाल आता है—गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया जाता है या खोला जाता है? दोनों शब्द सुनने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनका अर्थ और परंपरा अलग-अलग है।

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में क्या फर्क है

भारत में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी हर प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है।

  • 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर तिरंगा फहराया जाता है
  • 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर तिरंगा खोला जाता है

यह फर्क भारत के इतिहास और शासन व्यवस्था से जुड़ा है।

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तिरंगा खोलने का मतलब क्या होता है

तिरंगा खोलने का अर्थ है कि झंडा पहले से ही ध्वजस्तंभ के ऊपर बंधा होता है। कार्यक्रम के समय रस्सी खींचकर उसे खोला जाता है, जिससे झंडा पूरी तरह फैल जाता है।गणतंत्र दिवस पर यह काम राष्ट्रपति करते हैं। इसका मतलब है कि देश में संविधान पहले से लागू है और शासन व्यवस्था पूरी तरह स्थापित है। राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं।

तिरंगा फहराने का अर्थ क्या है

तिरंगा फहराने का मतलब है झंडे को नीचे से ऊपर तक खींचकर ध्वजस्तंभ के शीर्ष पर पहुंचाना।यह परंपरा स्वतंत्रता दिवस पर निभाई जाती है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिली थी, इसलिए उस ऐतिहासिक दिन को याद करने के लिए प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। यह गुलामी से आज़ादी की यात्रा का प्रतीक है।

गणतंत्र दिवस समारोह का क्रम

गणतंत्र दिवस का मुख्य आयोजन दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होता है।

  • राष्ट्रपति तिरंगा खोलते हैं
  • राष्ट्रगान गाया जाता है
  • 21 तोपों की सलामी दी जाती है
  • सेना की परेड और राज्यों की झांकियां निकलती हैं
  • कार्यक्रम का समापन वायुसेना के फ्लाई-पास्ट से होता है

गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि

77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के दो बड़े नेता मुख्य अतिथि होंगे—

  • यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा
  • यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन

इस वर्ष की थीम है—“स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्” और “समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत”

तिरंगा खोलने का संदेश

26 जनवरी को तिरंगा खोलना यह दर्शाता है कि भारत एक मजबूत गणराज्य है, जहां शासन संविधान के अनुसार चलता है। यह परंपरा लोकतंत्र, स्थिरता और संवैधानिक ताकत का प्रतीक मानी जाती है।

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