उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को प्रदेश की लाइफलाइन बताते हुए कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे के लिए भी बेहद अहम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। बीते वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को देखते हुए यात्रा की तैयारियां समय से पहले ही शुरू कर दी गई हैं। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर चारधाम के कपाट खुलने की तिथियां तय होते ही प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। इसके लिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ ग्राउंड लेवल पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।



