मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर गैस की कमी और बढ़ती कीमतों की खबरें सामने आ रही हैं। नोएडा में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
नोएडा में बड़ी संख्या में इंडस्ट्रियल एरिया हैं, जहां दूर-दराज से आए मजदूर और छात्र वेंडर जोन के खाने के स्टॉल पर निर्भर रहते हैं। लेकिन गैस महंगी होने के कारण कई स्टॉल बंद होने लगे हैं और कुछ दुकानदारों ने खाने की कीमत बढ़ा दी है। वहीं कुछ लोग केरोसिन स्टोव पर खाना बनाकर काम चला रहे हैं।
ब्लैक में महंगे दाम पर बिक रही गैस
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई गैस ब्लैक में बेच भी रहा है तो उसके दाम बहुत ज्यादा हैं। बताया जा रहा है कि गैस 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेची जा रही है। वहीं एक सिलेंडर 3000 से 5000 रुपये तक में ब्लैक में मिल रहा है।
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वेंडर जोन में बढ़े खाने के दाम
गैस महंगी होने का असर वेंडर जोन में साफ दिख रहा है। कई स्टॉल मालिकों ने दुकानें बंद कर दी हैं, जबकि जो स्टॉल चल रहे हैं उन्होंने खाने की कीमत बढ़ा दी है।
पहले जो थाली 50 रुपये में मिलती थी, अब वह 70 से 80 रुपये में मिल रही है। वहीं पूरी-सब्जी या छोले-भटूरे की प्लेट जो पहले 30-40 रुपये में मिलती थी, अब 50-60 रुपये तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर मजदूरों और छात्रों की जेब पर पड़ रहा है।
दुकानदारों ने जताई चिंता
वेंडर जोन के कई दुकानदारों का कहना है कि उन्हें सिलेंडर 3 से 4 हजार रुपये या उससे ज्यादा में मिल रहा है। इसी वजह से उन्हें खाने के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
कुछ दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो अगले 8 से 10 दिनों में कई फूड स्टॉल बंद हो सकते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि उसने केरोसिन स्टोव खरीद लिया है और उसी पर खाना बना रहा है। उसके मुताबिक फिलहाल केरोसिन 130 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, जो गैस से सस्ता है।
गैस न मिलने से बंद हो रही स्टॉल
चाऊमीन स्टॉल लगाने वाले अमित कुमार ने बताया कि गैस न मिलने की वजह से उन्हें अपनी स्टॉल बंद करनी पड़ी। उनका कहना है कि यह समस्या सिर्फ उनकी नहीं है, बल्कि आसपास के कई फूड स्टॉल भी इसी कारण बंद हो गए हैं।
लोकल टीम की जांच में सामने आई सच्चाई
जांच के दौरान कई गैस की दुकानों पर ताला लगा मिला। कुछ दुकानों पर गैस किलो के हिसाब से 260 रुपये या उससे ज्यादा में बेची जा रही थी। जब दुकानदारों से कैमरे पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि उन्हें सिलेंडर 3 से 4 हजार रुपये या उससे ज्यादा में मिल रहा है।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
इस मामले को लेकर मेधा रूपम ने गैस एजेंसियों के साथ बैठक की। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अगर कोई गैस की जमाखोरी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और एजेंसियों को बुकिंग के आधार पर नियमित सप्लाई देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



