उत्तर प्रदेश का श्रावस्ती जिला… जो कभी अपनी शांति के लिए जाना जाता था, वो अचानक सफेदपोश जालसाजों का ‘हब’ कैसे बन गया? श्रावस्ती पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय यानी पैन-इंडिया GST सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके तार पश्चिम बंगाल और बिहार से लेकर पंजाब के लुधियाना तक जुड़े हैं! एक ही दिन… दो अलग-अलग थाने… और करोड़ों का फर्जीवाड़ा! एसपी राहुल भाटी के निर्देश पर हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक में लगभग 31 करोड़ से ज्यादा की फर्जी बिक्री और पौने सात करोड़ की कर चोरी का भंडाफोड़ हुआ है। कैसे रची गई इस ‘डिजिटल डकैती’ की साजिश? देखिए हमारी ये एक्सक्लूसिव और मसालेदार रिपोर्ट!घोटाले का स्केल – कोई बंदूक नहीं, कोई हथियार नहीं… सिर्फ एक लैपटॉप और कुछ फर्जी दस्तावेजों के दम पर सरकारी सिस्टम को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार की रडार पर जैसे ही ये ‘सूटकेस फर्में’ आईं, श्रावस्ती पुलिस ने जाल बिछा दिया। और 20 मार्च को एक नहीं, बल्कि दो बड़े सफेदपोश नटवरलाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए!
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पहला नटवरलाल – बिकी झा:
मिलिए खिलाड़ी नंबर वन से… कोलकाता से बैठकर नेटवर्क चलाने वाला बिकी झा! भिनगा कोतवाली पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया है। इसने ‘बुधियार इण्टरप्राइजेज’ नाम की एक ऐसी फर्म बनाई जिसका जमीन पर कोई नामोनिशान नहीं था। सिर्फ कागजों पर 28 करोड़ 45 लाख की फर्जी बिक्री दिखा दी। न सिर्फ 6 करोड़ 22 लाख का टैक्स डकार गया, बल्कि सरकार से ही लगभग 1.5 करोड़ रुपये का अवैध ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) भी ऐंठ लिया।
दूसरा नटवरलाल – जसदिल सिंह:
अब मिलिए खिलाड़ी नंबर टू से… लुधियाना, पंजाब का रहने वाला जसदिल सिंह! गिलौला पुलिस की टीम ने इसे लुधियाना से दबोचा और ट्रांजिट रिमांड पर श्रावस्ती लेकर आई है। जसदिल ने इटावा के राजा बाबू के नाम पर ‘श्री राम इन्टर प्राइजेज’ का फर्जी साम्राज्य खड़ा किया। बिना एक भी रुपये का माल खरीदे 3 करोड़ 31 लाख की फर्जी बिक्री दिखा दी और लगभग 60 लाख रुपये (59,72,893) का GST टैक्स हजम कर गया।इन दोनों डिजिटल लुटेरों के पास से पुलिस ने घोटाले का सारा कच्चा-चिट्ठा बरामद कर लिया है। 2 लैपटॉप, 3 स्मार्टफोन और कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। ये शातिर दिमाग दूसरे के नाम पर फर्म बनाते थे, उनकी लॉगिन आईडी और पासवर्ड अपने पास रखते थे और धड़ल्ले से फर्जी GSTR-1 और GSTR-3B रिटर्न फाइल करते थे।भिनगा और गिलौला पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की सबसे गंभीर धाराओं में धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं! बंगाल का बिकी झा… पंजाब का जसदिल… और यूपी में बनी फर्जी फर्में! आखिर इस 31 करोड़ के महा-घोटाले का असली ‘बॉस’ कौन है? पुलिस अब इन दोनों कड़ियों को जोड़कर इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने की तैयारी में है।






