उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी ने मौसम को एक बार फिर से ठंडा और सुहावना बना दिया है। ठंड के कारण लोग फिर से गर्म कपड़ो में दिखने लगे हैं प्राकृतिक रूप से जलस्रोतों, नदियों और गदेरों को रिचार्ज करने में यह बारिश काफी फायदेमंद साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस समय की बारिश और बर्फबारी कृषि, जल संसाधनों और पर्यावरण के लिए बहुत लाभदायक है।
चकराता में हाल ही में ऊंची चोटियों पर सात साल बाद मार्च माह में बर्फबारी हुई है, जो सीजन की तीसरी बर्फबारी है। चकराता की ऊंचाई वाली चोटियां सफेद चादर से ढक गई है, और मौसम जनवरी जैसा ठंडा हो गया। चकराता के लोखंडी इलाके के होटल व्यवसायी के मुताबिक पिछले साल 4 मार्च को हल्की बर्फबारी हुई थी, लेकिन इस बार 20 मार्च के आसपास हुई बर्फबारी ने मौसम को और भी आकर्षक बना दिया है। पर्यटन कारोबारी काफी खुश हैं, क्योंकि बर्फबारी के बाद पहाड़ का मौसम बेहद सुहाना हो जाता है, और पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए चकराता की ओर रुख कर सकते हैं। इससे होटल, टूरिज्म और लोकल बिजनेस को अच्छा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) में भी जमकर बर्फबारी हुई है, जिससे वहां के नजारे और भी मनमोहक हो गए हैं। लोग इसे प्रकृति की खूबसूरती के रूप में देख रहे हैं।





