यूपी के बाराबंकी में एक जनाब ने पति से सीधे-सीधे “डॉन” बनने की कोशिश कर डाली। पत्नी रूठकर मायके क्या चली गई, साहब ने समझाने-बुझाने की जगह सीधा क्राइम थ्रिलर वाला प्लॉट लिख डाला। करीब एक महीने तक पत्नी को मनाने में फेल रहे दामाद जी ने आखिर ऐसा दांव खेला कि सुनकर ही सिर घूम जाए नाबालिग साली का अपहरण कर लिया और ससुराल वालों के सामने ऑफर रख दिया, “पत्नी भेजो, साली ले जाओ!”
अब इसे प्यार कहें, जिद कहें या फिर सीधा-सीधा बेवकूफी का वर्ल्ड रिकॉर्ड समझना मुश्किल है। सास ने पहले तो दामाद को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब ‘डील’ फाइनल नहीं हुई तो मामला थाने पहुंच गया। पुलिस ने भी फिल्म का क्लाइमेक्स जल्दी ही लिख दिया चार दिन में साली बरामद, दामाद गिरफ्तार और सीधे जेल की सैर।
नतीजा क्या निकला? ना पत्नी मिली, ना इज्जत बची… ऊपर से जेल की हवा अलग!
चलिए अब मामला, आपको विस्तार से बताते है, साली का अपहरण कर फिरौती में पत्नी मांगने का मामला यूपी के बाराबंकी से आया है, दरअसल, आपसी कलह से आहत होकर पत्नी मायके चली गई। एक माह तक पत्नी को बुलाने के सारे हथकंडे असफल होने पर पति ने चौंकाने वाला घातक कदम उठा लिया। अपनी नाबालिग साली का अपहरण कर लिया और ससुरालियों से फिरौती में पत्नी को देने की शर्त रखी। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस ने जो कार्रवाई की, उससे आरोपी को पत्नी मिली न साली, लेकिन जेल की हवा जरूर खानी पड़ी।
रिश्तों की सौदेबाजी का यह खेल लोनीकटरा के सुभाष वर्मा ने किया। जिसका करीब तीन वर्ष पूर्व एक युवती से विवाह हुआ था। आपसी कलह से आहत होकर फरवरी में पत्नी सुभाष को छोड़कर मायके चली गई। कुछ दिन बाद सुभाष ने पत्नी को वापस लाने के सारे जतन किए, लेकिन पत्नी वापस आने को राजी नहीं हुई। इसके बाद सुभाष ने योजना बनाकर पत्नी की 16 वर्षीय (छोटी) बहन को बहलाकर अपने घर ले आया। इसके बाद ससुरालियों के समक्ष शर्त रखी कि पत्नी को भेजोगे तो साली को भेजेंगे।
सास ने पहले तो दामाद को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो थाने में सास ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। चार दिन बाद पुलिस ने किशोरी को आरोपी के कब्जे से बरामद कर सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
इस मामले में बाराबंकी पुलिस ने बताया कि आरोपी सुभाष को गिरफ्तार कर उसकी साली को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।






