राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी की छात्र इकाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है, उन्होंने घोषणा की कि छात्र RJD को भंग कर दिया गया है और अब इसकी जगह एक नया संगठन ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SSAI)’ बनाया जाएगा, जो देशभर में सक्रिय रहेगा।
क्या है नया संगठन SSAI?
तेजस्वी यादव ने बताया कि नया छात्र संगठन SSAI शिक्षा और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करेगा, यह संगठन RJD की छात्र इकाई के रूप में ही कार्य करेगा, लेकिन नए नाम और दिशा-निर्देशों के साथ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप किया गया है, पहले जो संगठन छात्र RJD के नाम से संचालित हो रहा था, अब उसे पूरी तरह समाप्त कर SSAI के रूप में पुनर्गठित किया गया है।
छात्रों के हित में काम करेगा संगठन
तेजस्वी यादव ने कहा कि SSAI देशभर में छात्रों की आवाज बनेगा और उनके अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा, उन्होंने जोर दिया कि संगठन का फोकस शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय पर रहेगा।
बिहार की राजनीति पर भी बोले तेजस्वी
बिहार में मुख्यमंत्री को लेकर जारी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह फैसला “दो लोगों” द्वारा लिया जाएगा और जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता के जनादेश का प्रतिनिधि नहीं होगा, उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने जिस चेहरे पर चुनाव लड़ा था, उसे सत्ता से हटाया जा रहा है।
NDA सरकार पर तीखा हमला
तेजस्वी यादव ने पिछले 20 वर्षों की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि:
- बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में पिछड़ गया है
- राज्य आज देश के सबसे गरीब राज्यों में गिना जाता है
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार “कुर्सी के खेल” में व्यस्त है और जनता के मुद्दों से उसका कोई सरोकार नहीं है।
JDU पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर हमला बोलते हुए कहा कि “जेडीयू अब बीजेपी का प्रकोष्ठ बनकर रह गई है,” उन्होंने यह भी दावा किया कि जो नेता आज सत्ता के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में कोई पूछने वाला नहीं होगा, छात्र RJD को भंग कर SSAI के गठन का फैसला न सिर्फ संगठनात्मक बदलाव है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि RJD अब छात्र राजनीति में नए ढांचे और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति अपना रही है, आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि SSAI छात्रों के बीच कितनी पकड़ बना पाता है।






