उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में बीजेपी बूथ अध्यक्ष के कथित ‘हाफ एनकाउंटर’ और उसके बाद जेल भेजे जाने के मामले ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब बीजेपी के ही विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। देवेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि बूथ अध्यक्ष धर्मेंद्र उर्फ अभिषेक को 28 मार्च को दिनदहाड़े उनके घर से उठाया गया। इसके बाद उन्हें कुछ समय तक इधर-उधर घुमाया गया और फिर आंखों पर पट्टी बांधकर उनके पैर में गोली मार दी गई।

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MLC का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि “यह अत्यंत चिंताजनक है कि हमारी ही सरकार में पार्टी के बूथ अध्यक्ष के साथ ऐसा व्यवहार हुआ।” MLC ने अपने पत्र में दावा किया है कि इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उस सबूत को भी नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि जीयनपुर कोतवाली में 29 मार्च को दर्ज किया गया मुकदमा भी संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस कथित फर्जी एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे उनकी भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें MLC देवेंद्र प्रताप सिंह कथित तौर पर यूपी के ACS होम संजय प्रसाद को फोन पर पूरे मामले की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद आजमगढ़ में स्थानीय स्तर पर नाराजगी और आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है और जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।






