उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग तथा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में “रश्मिरथी पर्व” का भव्य आयोजन किया जा रहा है, यह विशेष आयोजन महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष और उनकी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समर्पित है, यह पर्व भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रवादी चेतना के उस गौरव को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जो दिनकर जी की रचनाओं में सजीव रूप से विद्यमान है।
आयोजन विवरण
- तिथि: 24 – 26 अप्रैल
- स्थान: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (जुपिटर हॉल)
- आयोजक: उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग एवं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास
मुख्य आकर्षण
- रश्मिरथी का नाट्य मंचन (24 अप्रैल)
महान काव्य कृति रश्मिरथी का जीवंत नाट्य रूपांतरण, जो दर्शकों को कर्ण के चरित्र, उनके संघर्ष और मानवीय मूल्यों से सीधे जोड़ता है।
- साहित्यिक गोष्ठियाँ एवं संवाद
विद्वानों और साहित्य प्रेमियों के बीच विचार-विमर्श, जहां दिनकर जी के काव्य और विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा होगी।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
संगीत, काव्य पाठ और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत का उत्सव।
विशेष संदेश
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार “यह आयोजन आज की युवा पीढ़ी को राष्ट्र की उन अमूल्य धरोहरों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो हमारी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत की गौरवगाथा हैं।”
उद्देश्य
सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवा पीढ़ी को भारतीय साहित्य से जोड़ना, राष्ट्रकवि दिनकर के विचारों और कृतियों का प्रचार-प्रसार
क्यों आएं?
सांस्कृतिक समृद्धि का अनूठा अवसर, कालजयी साहित्य का जीवंत अनुभव, विद्वानों और कलाकारों से सीधे संवाद “रश्मिरथी पर्व” – जहां साहित्य, संस्कृति और प्रेरणा का अद्भुत संगम होता है।






