भारत ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में एक बड़े दायरे को लेकर नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है, जिसने रणनीतिक और रक्षा हलकों में हलचल पैदा कर दी है। इस नोटाम के तहत लगभग 3,550 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को अस्थायी रूप से ‘डेंजर जोन’ घोषित किया गया है, जहां निर्धारित अवधि के दौरान नागरिक विमानों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यह कदम सुरक्षा और संभावित सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर उठाया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नोटाम 25 अप्रैल 2026 से 6 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस समय-सीमा का चयन भी अपने आप में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहलगाम आतंकी हमले की बरसी और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ के आसपास का समय है। गौरतलब है कि 2025 में 6-7 मई की दरमियानी रात भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल कार्रवाई की थी।
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रक्षा सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि यह नोटाम अग्नि-IV मिसाइल के परीक्षण से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस बड़े क्षेत्र को अलर्ट जोन में रखा गया है, वह लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की ओर इशारा करता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित अग्नि-IV एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जो दो-स्टेज ठोस ईंधन तकनीक पर आधारित है। इसकी मारक क्षमता लगभग 3,500 से 4,000 किलोमीटर तक है और यह करीब 1,000 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। करीब 20 मीटर लंबी इस मिसाइल में अत्याधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी सटीकता बेहद उच्च स्तर की मानी जाती है। इसकी सर्कुलर एरर प्रॉबेबिलिटी (CEP) 100 मीटर से भी कम बताई जाती है, जो इसे अत्यंत प्रभावी बनाती है।
इसके अलावा, अग्नि-IV को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे सड़क मार्ग के जरिए भी तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाकर तैनात किया जा सकता है। यह इसकी सामरिक लचीलापन और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है।
अब सवाल उठता है कि आखिर NOTAM क्या होता है और इसे कब जारी किया जाता है? नोटिस टू एयरमेन या NOTAM एक आधिकारिक सूचना होती है, जिसे तब जारी किया जाता है जब किसी विशेष हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर अस्थायी रोक लगानी हो। यह आमतौर पर सैन्य अभ्यास, मिसाइल परीक्षण या अन्य संवेदनशील गतिविधियों के दौरान लागू किया जाता है।
जब कोई क्षेत्र NOTAM के तहत आता है, तो वहां नागरिक विमानों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाती है, जिससे सैन्य विमानों, ड्रोन या मिसाइल परीक्षण को सुरक्षित और बिना जोखिम के अंजाम दिया जा सके। यह एक एहतियाती और सुरक्षा से जुड़ा कदम होता है।
वैश्विक स्तर पर भी ऐसे कदम आम हैं। जब दो देशों के बीच तनाव बढ़ता है या युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तब एयरस्पेस को सीमित या बंद किया जाता है। भारत और पाकिस्तान के बीच भी लंबे समय से एयरस्पेस को लेकर सतर्कता बनी हुई है, वहीं पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण कई देशों ने अपनी हवाई सीमाओं पर नियंत्रण बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में जारी यह NOTAM केवल एक तकनीकी सूचना नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह कदम नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा है या किसी बड़े रक्षा परीक्षण की तैयारी।






