लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनगणना और आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार मंथन किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के समय और जनगणना की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि दोनों महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं एक ही समयावधि में संचालित होती हैं, तो प्रशासनिक मशीनरी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग विभिन्न राज्यों की परिस्थितियों, प्रशासनिक जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों का अध्ययन कर रहा है। हालांकि आयोग की ओर से अभी तक किसी संभावित चुनाव कार्यक्रम या समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनगणना पूरी होने के बाद लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है, जिसके चलते चुनावी कार्यक्रमों को लेकर कई स्तरों पर विचार-विमर्श चल रहा है।
समय से पहले चुनाव की चर्चाओं ने राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ा दी है। हालांकि फिलहाल किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चुनाव और जनगणना की दोहरी जिम्मेदारी को देखते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।






