लखनऊ, 03 जून। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) और पीएम पोषण योजना से जुड़े हजारों कर्मियों के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब इन कर्मियों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मयोगी कल्याण की सोच के अनुरूप शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। योजना के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित विद्यालयों, केजीबीवी में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन अनुदेशक), पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों तथा आंगनबाड़ी परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
योजना के प्रभावी संचालन और पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 4 जून को दोपहर 12 बजे शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान संबंधित विभागों और जनपदों के नामित अधिकारियों एवं कर्मियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नोडल कार्मिक नामित किए जाएं और उनकी प्रशिक्षण में सहभागिता सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़ने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश के सभी जिलों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से शिक्षा और पोषण व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और उनके परिवारों को भी आर्थिक राहत प्राप्त होगी। यह कदम कर्मियों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






