लखनऊ, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के कुकरैल रेंज स्थित अवध वन प्रभाग में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कपूर का पौधा रोपित कर प्रदेशवासियों से अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 200 से अधिक पौधे लगाए गए तथा महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की गई। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी ली और उन्हें मिष्ठान वितरित किया। बच्चों और आमजन ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां और मातृभूमि के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के लिए उसकी मां सबसे प्रिय होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग ने 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व पर्यावरण संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। मौसम चक्र में हो रहे बदलाव, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और प्राकृतिक आपदाएं इसकी स्पष्ट चेतावनी हैं। उन्होंने कहा कि यह संकट काफी हद तक मानवजनित है और इसका समाधान भी मानव समाज को ही निकालना होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक धरती माता के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करे तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा जलस्रोतों, पार्कों, जंगलों और सार्वजनिक स्थलों पर नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्षा जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और पेड़ों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने छात्रों और युवाओं से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए जागरूकता फैलाने की अपील की।






