भारत सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत बुधवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित पिकअप भवन में “एफडीआई एवं निवेश प्रोत्साहन” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (PIB), लखनऊ द्वारा किया गया।
प्रेस वार्ता में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के संयुक्त सचिव जय प्रकाश शिवहरे, उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव एवं इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद तथा पीआईबी के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल मौजूद रहे।
इस दौरान संयुक्त सचिव जय प्रकाश शिवहरे ने कहा कि भारत आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के रूप में लगभग 95 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है, जो भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कारोबार को आसान बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए हैं। प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाए जाने से देश में निवेश और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई मजबूती मिली है। आज भारत न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
जय प्रकाश शिवहरे ने “जन विश्वास” अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि जन विश्वास 1 और 2 के तहत कई नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया, जिससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली। अब सरकार “जन विश्वास 3” की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे उद्योगों को और अधिक सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय बजट में देशभर में 100 नए इंडस्ट्रियल टाउन विकसित करने की घोषणा की गई है, जिससे विनिर्माण क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए शिवहरे ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत ने 9 नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिनके दायरे में दुनिया के 38 देश शामिल हैं। इन समझौतों से भारतीय उत्पादों और कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण अब देश के विभिन्न राज्यों में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है, जिससे संतुलित और समावेशी विकास को बल मिल रहा है।
संयुक्त सचिव ने विश्वास जताया कि निवेश प्रोत्साहन, व्यापार सुगमता, औद्योगिक सुधारों और वैश्विक साझेदारियों के बल पर भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में विश्व अर्थव्यवस्था में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।






