हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से पथराव किया गया। इस हमले में एसडीएम घायल हो गए और उनके सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
बाढ़ राहत तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे SDM
जानकारी के अनुसार, एसडीएम शाहाबाद सुशील कुमार मिश्रा सोमवार शाम करीब चार बजे परियल गांव में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे थे।निरीक्षण के दौरान उन्होंने गर्रा नदी के किनारे स्थित सिल्ट पट्टे, अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा भवन के शटर और आरआरसी सेंटर के गेटों में कई खामियां पाई गईं।इस संबंध में एसडीएम ने मौके पर मौजूद महिला ग्राम प्रधान के पुत्र उदयवीर राजपूत से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।
प्रधान पुत्र को वाहन में बैठाने के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने प्रधान पुत्र को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठा लिया। इसकी जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग मौके पर एकत्र हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम ने प्रधान पुत्र को वाहन से उतार दिया और आगे बढ़ गए। लेकिन इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।
SDM पर पथराव, सिर में लगी गंभीर चोट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ग्राम प्रधान शिवरानी और जिला सदस्य लाला राम राजपूत के पुत्र उदयवीर के नेतृत्व में मौजूद भीड़ ने एसडीएम की गाड़ी को रोक लिया।जब एसडीएम ग्रामीणों को समझाने के लिए वाहन से नीचे उतरे तो अचानक उन पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस दौरान एक पत्थर सीधे उनके सिर पर आकर लगा, जिससे वह घायल हो गए।हमले के बाद प्रशासनिक टीम किसी तरह वहां से निकली और एसडीएम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहाबाद पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया।स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पूरे परियल गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई के डर से कई आरोपी और कुछ ग्रामीण गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट अनुनय झा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि एसडीएम बाढ़ राहत तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी ग्राम प्रधान के पुत्र द्वारा कथित रूप से अभद्रता की गई।उन्होंने बताया कि बाद में कुछ लोगों ने ग्रामीणों को उकसाया, जिसके चलते एसडीएम की गाड़ी पर पथराव हुआ और उन्हें चोटें आईं। घायल अधिकारी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले से उठे सवाल
हरदोई में हुई यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है। सरकारी कार्यों के दौरान अधिकारियों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद मजबूत होना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।






