सोफिया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यूरोप यात्रा के दौरान भारत और बुल्गारिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिली है। बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, फार्मास्यूटिकल्स और पर्यटन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।यूरोप के दो महत्वपूर्ण देशों बुल्गारिया और फिनलैंड के दौरे पर निकले विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अपने दौरे के पहले चरण में बुल्गारिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव और विदेश मंत्री वेलिसलावा पेत्रोवा-चामोवा से मुलाकात की।
“यह युद्ध का युग नहीं है” – जयशंकर
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिरता और संघर्षों के दौर से गुजर रही है, ऐसे में किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।उन्होंने एक बार फिर भारत की स्पष्ट नीति दोहराते हुए कहा कि “यह युद्ध का युग नहीं है” और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शांति, स्थिरता और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आतंकवाद पर भारत और बुल्गारिया का साझा रुख
आतंकवाद के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर भारत और बुल्गारिया के विचार पूरी तरह समान हैं और दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के पक्षधर हैं।
व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर

राष्ट्रपति रुमेन रादेव से मुलाकात के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में निम्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई—
- व्यापार और निवेश
- फार्मास्यूटिकल्स
- सेमीकंडक्टर उद्योग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- अंतरिक्ष क्षेत्र
- रक्षा सहयोग
- मोबिलिटी और कनेक्टिविटी
- पर्यटन
- क्रिएटिव और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री
जयशंकर ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) रणनीतिक साझेदारी के मजबूत होने से दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
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भारत-ईयू एफटीए और रक्षा साझेदारी पर हुई चर्चा
बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिसलावा पेत्रोवा-चामोवा के साथ हुई बैठक में भारत-बुल्गारिया संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ता, रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति, AI, फार्मास्यूटिकल्स, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।
बुल्गारिया की सांस्कृतिक विरासत से हुए प्रभावित
अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने सोफिया स्थित प्रसिद्ध नेशनल हिस्टोरिकल म्यूजियम का भी दौरा किया। उन्होंने बुल्गारिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों की सराहना की तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया।
अब फिनलैंड दौरे पर रहेंगे जयशंकर
बुल्गारिया यात्रा के बाद विदेश मंत्री अपने दौरे के दूसरे चरण में फिनलैंड पहुंचे हैं। यहां वे फिनलैंड के राष्ट्रपति और अपने फिनिश समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।इसके अलावा वे 14वीं कुल्टारंता वार्ता (Kultaranta Talks) में भी हिस्सा लेंगे, जिसका इस वर्ष का विषय “परिवर्तनशील दुनिया: वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय परिप्रेक्ष्य” रखा गया है।
डिजिटल गवर्नेंस और हरित ऊर्जा पर रहेगा फोकस
फिनलैंड दौरे के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, हरित ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला में विविधता, तकनीकी सहयोग और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह यूरोपीय कूटनीतिक पहल न केवल आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।
रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी






