चित्रकूट। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग सप्ताह के तहत शुक्रवार को चित्रकूट पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।15 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित किए जा रहे योग सप्ताह के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय, विभिन्न शाखाओं और जनपद के थानों से आए अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
योग विशेषज्ञों ने कराया योगाभ्यास

कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी नगर यामीन अहमद, प्रतिसार निरीक्षक रामाशीष यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। योगाभ्यास का संचालन जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के प्रभारी योग विभाग जितेंद्र प्रताप सिंह एवं उनकी टीम ने किया।योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित पुलिस कर्मियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। साथ ही योग से मिलने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
योग को बताया स्वस्थ जीवनशैली का आधार

योग प्रशिक्षकों ने कहा कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ जीवनशैली की मजबूत नींव है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी संतुलित और ऊर्जावान बनाता है।उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत द्वारा विश्व को दिया गया यह अनमोल उपहार लोगों को स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मबल प्रदान कर रहा है।
योग से मिलता है मानसिक शांति और आत्मबल
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव को कम कर आत्मसंयम, अनुशासन, एकाग्रता और मानसिक स्थिरता का भी विकास करता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम योग है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है और अपने कार्यों को अधिक कुशलता के साथ संपादित कर सकता है।
नई पीढ़ी को योग से जोड़ने का आह्वान
योग प्रशिक्षकों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को योग की इस महान परंपरा से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। योग के माध्यम से स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
योगाभ्यास के बाद हुई अर्दली रूम
योग कार्यक्रम के उपरांत पुलिस विभाग द्वारा नियमित शुक्रवार की अर्दली रूम का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभागीय कार्यों की समीक्षा और आवश्यक निर्देश दिए गए।
समाज सेवा के लिए स्वस्थ रहना जरूरी
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने सभी कर्मियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी यदि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तो वे समाज और जनता की बेहतर सेवा कर सकेंगे।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देता है, बल्कि पुलिस बल में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






