भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका अलका याग्निक को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस खास उपलब्धि के बाद अलका याग्निक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने स्वास्थ्य संघर्ष और संगीत यात्रा के बारे में खुलकर बात की।
पद्म भूषण प्राप्त करने के दौरान अलका याग्निक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में 60 वर्षीय गायिका मंच तक पहुंचने के लिए एक अटेंडेंट की मदद लेती हुई दिखाई दे रही हैं। उन्हें देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए और उनकी सेहत को लेकर चिंता जताने लगे। समारोह के दौरान वह पहले की तुलना में काफी कमजोर नजर आईं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश
सम्मान प्राप्त करने के बाद अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन यह पल उनके लिए बेहद खास और यादगार है। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल उनकी जिंदगी के सबसे कठिन दौर में से एक रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच मिला यह सम्मान उनके लिए किसी आशीर्वाद और नई ऊर्जा से कम नहीं है।
गायिका ने भारत सरकार और अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया है। उन्होंने बताया कि जब पद्म भूषण की घोषणा हुई थी, तब इसकी जानकारी सबसे पहले उनकी बेटी ने दी थी। यह खबर सुनकर वह बेहद भावुक हो गई थीं और उनके लिए यह क्षण अविस्मरणीय बन गया।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं अलका याग्निक
इस सम्मान के साथ-साथ अलका याग्निक की स्वास्थ्य स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने खुलासा किया कि वह अभी भी एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं और उनका इलाज जारी है। इसी कारण वह लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों और संगीत की दुनिया से दूरी बनाए हुए हैं।
दरअसल, वर्ष 2024 में अलका याग्निक ने पहली बार सोशल मीडिया के माध्यम से बताया था कि उन्हें ‘सेंसोरिन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस’ नामक एक दुर्लभ सुनने संबंधी बीमारी हो गई है। यह बीमारी एक वायरल संक्रमण के बाद हुई, जिसने उनकी सुनने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा झटका बताया था और प्रशंसकों से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की थी।
नए प्रोजेक्ट्स से बनाई दूरी
स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अलका याग्निक फिलहाल नए गानों की रिकॉर्डिंग नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई संगीतकार और निर्माता आज भी उन्हें नए प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह उन्हें स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। उनका आखिरी रिकॉर्ड किया गया गीत फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ का ‘नरम कालजा’ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
आज के संगीत पर भी रखी अपनी राय
अलका याग्निक ने मौजूदा संगीत उद्योग को लेकर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि आज के दौर का संगीत अपनी आत्मा खोता जा रहा है। उनके अनुसार, पंजाबी रैप, रीमिक्स और अत्यधिक शोर वाले गीतों का चलन बढ़ गया है, जबकि मधुर और भावनात्मक संगीत कम होता जा रहा है।
हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में फिर से ऐसे गीतों की वापसी होगी जो सीधे दिल को छू जाएं और वर्षों तक लोगों की यादों का हिस्सा बने रहें। पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद अलका याग्निक का यह भावुक संदेश उनके लाखों प्रशंसकों के लिए प्रेरणा और भावनाओं से भरा हुआ है।






