Farrukhabad। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के बाबू जी गली स्थित नेहा नर्सिंग होम को सील कर दिया। संयुक्त जांच टीम के औचक निरीक्षण में अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें ऑपरेशन थिएटर में एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही, फायर एनओसी की कमी और बेड क्षमता में भारी अंतर शामिल हैं।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ के निर्देश पर गठित टीम ने किया औचक निरीक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच टीम ने शाम को नेहा नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। टीम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, निजी पंजीकृत चिकित्सालय के नोडल अधिकारी तथा सीओ सिटी अभय वर्मा भी शामिल रहे।निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी के कई गंभीर मामले उजागर हुए।
ऑपरेशन थिएटर में मिले एक्सपायरी इंजेक्शन

जांच टीम को सबसे गंभीर खामी ऑपरेशन थिएटर में मिली, जहां चार एक्सपायरी डेट वाले इंजेक्शन बरामद किए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे इंजेक्शन मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।इसके अलावा निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला, जिससे मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
पंजीकरण 100 बेड का, मौके पर मिले सिर्फ 67 बेड

जांच में यह भी सामने आया कि नर्सिंग होम का पंजीकरण 100 बेड क्षमता के लिए किया गया था, जबकि मौके पर केवल 67 बेड ही उपलब्ध पाए गए।इससे अस्पताल के दस्तावेजों और वास्तविक व्यवस्थाओं के बीच बड़ा अंतर सामने आया, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर अनियमितता माना है।
बायोमेडिकल वेस्ट नियमों का हो रहा था उल्लंघन
निरीक्षण के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई।जांच में पाया गया कि 15 जून 2026 के बाद बायोमेडिकल वेस्ट की लॉगबुक तक नहीं भरी गई थी।पूछताछ में अस्पताल संचालक ने स्वीकार किया कि चिकित्सा अपशिष्ट को सीधे नगर पालिका की गाड़ी में डलवाया जाता था, जबकि यह प्रक्रिया बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के पूरी तरह विपरीत है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का कचरा आम कूड़े के साथ निस्तारित करना संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकता है।
फायर सेफ्टी एनओसी में भी मिली कमी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा मानकों में भी गंभीर कमियां पाई गईं।स्वास्थ्य विभाग ने इसे मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
मौके पर ही सील किया गया नर्सिंग होम
लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से नेहा नर्सिंग होम को सील करने के आदेश जारी कर दिए।साथ ही अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
सीएमओ बोले- मरीजों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।”
लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं और अब प्रशासन की सख्ती से मरीजों को राहत मिलेगी।
जिले में जारी रहेगा जांच अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम्स की नियमित जांच जारी रहेगी।नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और मानक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।






