हाथरस: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या संबंधी बयान पर कड़ा पलटवार किया। हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान राम भक्तों पर गोली चलाने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार ने किया था, जबकि आज वही लोग अयोध्या को वैश्विक धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रहे हैं।
‘राम भक्तों के संघर्ष और पीएम मोदी के नेतृत्व में बदली अयोध्या की तस्वीर’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की अयोध्या करोड़ों राम भक्तों के त्याग, संघर्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का परिणाम है।उन्होंने कहा कि आज अयोध्या की भव्यता त्रेता युग की याद दिलाती है और दुनिया भर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।”अयोध्या आज किसी राजनीतिक दल की देन नहीं, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का परिणाम है।”
‘सपा सरकार में धार्मिक आयोजनों पर लगते थे प्रतिबंध’
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर धार्मिक आयोजनों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन, कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए गए थे।उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार प्रदेशभर में मंदिरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।
‘कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल से मंदिरों के विकास तक’
सीएम योगी ने कहा कि पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने उसी धन का उपयोग मंदिरों के विकास और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण में किया।उन्होंने दावा किया कि हाथरस सहित प्रदेश के कई जिलों में मंदिरों का व्यापक विकास कराया गया है।
मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में धार्मिक विरासत के पक्षधर हैं तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित कर रही है और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
‘अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी पर निर्भर नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की पहचान हजारों वर्षों पुरानी है और अब यह पूरी दुनिया में सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।उन्होंने कहा कि अयोध्या को किसी राजनीतिक दल की मान्यता की आवश्यकता नहीं है।”अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी पर मोहताज नहीं है। उसने दुनिया में अपनी पहचान फिर से स्थापित कर ली है।”
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
गौरतलब है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो अयोध्या को वैश्विक स्तर पर धर्मनगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस से तीखा राजनीतिक जवाब दिया।अब अयोध्या, राम मंदिर, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती दिखाई दे रही है।






