मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क), सोलर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण समेत कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से ₹15 हजार करोड़ से अधिक के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
यीडा क्षेत्र में अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, ओडीओपी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में स्थापित करना है।
इसी दिशा में सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क) विकसित किया जा रहा है। लगभग ₹417 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और वर्ष 2027 तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्क में विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्राइवेट लिमिटेड 200 एकड़ में अपनी अत्याधुनिक सोलर निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। इस परियोजना में ₹8,253 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
इसके अलावा, सेक्टर-10 में एसेंड सर्किट्स प्राइवेट लिमिटेड ₹3,250 करोड़ के निवेश से फ्लेक्सिबल पीसीबी, एचडीआई पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना से लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड ₹3,532 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना के जरिए करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
सरकार का कहना है कि निवेशक-हितैषी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना और त्वरित स्वीकृति प्रणाली के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और सोलर क्षेत्र में हो रहा यह निवेश न केवल प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदल रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।






