आज के डिजिटल दौर में ऑफिस कर्मचारियों, आईटी प्रोफेशनल्स, ड्राइवरों, शिक्षकों और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों लोग रोजाना कई घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। लगातार लैपटॉप पर झुककर काम करना, मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जीवनशैली बवासीर (पाइल्स) जैसी परेशानी के जोखिम को भी बढ़ा सकती है।
क्या है बवासीर?
बवासीर, जिसे मेडिकल भाषा में हेमोरॉयड्स (Hemorrhoids) कहा जाता है, गुदा और मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आने की स्थिति है। यह दो प्रकार की होती है—
- आंतरिक बवासीर – जो मलाशय के अंदर विकसित होती है।
- बाहरी बवासीर – जो गुदा के बाहरी हिस्से में दिखाई देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार कब्ज, मल त्याग के दौरान अधिक जोर लगाना, मोटापा, गर्भावस्था, भारी वजन उठाना और लंबे समय तक बैठे रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
क्या गलत पोश्चर बढ़ाता है खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आगे झुककर बैठने से शरीर का दबाव पेल्विक क्षेत्र पर बढ़ जाता है। यदि इसके साथ व्यक्ति घंटों तक बिना ब्रेक लिए बैठा रहे और उसकी शारीरिक गतिविधि भी कम हो, तो गुदा के आसपास की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे बवासीर विकसित होने या पहले से मौजूद समस्या के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
हालांकि डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल बैठने का तरीका ही बवासीर का कारण नहीं बनता। पानी कम पीना, फाइबर की कमी, कब्ज और निष्क्रिय जीवनशैली जैसे कई कारक मिलकर इस जोखिम को बढ़ाते हैं।
किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
- आईटी और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स
- कॉल सेंटर कर्मचारी
- बैंक और कॉर्पोरेट स्टाफ
- शिक्षक
- ड्राइवर
- लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोग
- कब्ज या मोटापे से पीड़ित व्यक्ति
गलत बैठने की आदत कैसे करती है नुकसान?
जब कोई व्यक्ति लगातार झुककर बैठता है, तो कमर और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे रक्त संचार प्रभावित हो सकता है और मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ हर 30 से 40 मिनट में कुछ मिनट टहलने की सलाह देते हैं।
कैसी होनी चाहिए आपकी कुर्सी?
विशेषज्ञों के अनुसार बहुत सख्त सीट पर लंबे समय तक बैठना असुविधा बढ़ा सकता है। वहीं अत्यधिक नरम सीट भी कमर दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए ऐसी कुर्सी का उपयोग करना बेहतर माना जाता है जिसमें उचित सपोर्ट और हल्की कुशनिंग हो। जरूरत पड़ने पर मेमोरी फोम कुशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
बवासीर के शुरुआती लक्षण
यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाना चाहिए—
- मल त्याग के दौरान दर्द
- मल के साथ खून आना
- गुदा में खुजली या जलन
- सूजन या गांठ महसूस होना
- लंबे समय तक बैठने में परेशानी
बचाव के आसान उपाय
- हर 30–40 मिनट में उठकर कुछ मिनट टहलें।
- कुर्सी पर सीधे बैठें और सही पोश्चर बनाए रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- भोजन में फाइबर युक्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
- नियमित व्यायाम और पैदल चलने की आदत डालें।
- टॉयलेट में अधिक समय तक बैठने और मोबाइल इस्तेमाल करने से बचें।
- कब्ज की समस्या का समय रहते उपचार कराएं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि मल के साथ बार-बार खून आ रहा हो, तेज दर्द हो, सूजन लगातार बढ़ रही हो या घरेलू उपायों से राहत न मिले, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से सलाह लेनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सही पोश्चर, सक्रिय जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाकर बवासीर जैसी समस्या के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय रहते सावधानी बरतना और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।






