चित्रकूट। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डी.पी. पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) के भुगतान में नहीं हो देरी

बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना (JSY) की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र गर्भवती महिलाओं के बैंक खातों में मिलने वाली वित्तीय सहायता का भुगतान समय पर किया जाए।उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए तथा भुगतान प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए।
प्रसव पूर्व एवं बाल पंजीकरण की होगी रोजाना मॉनिटरिंग
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
- बाल पंजीकरण की प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो।
- सभी संबंधित आंकड़ों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन डेटा फीडिंग पोर्टल पर समय से की जाए।
उन्होंने कहा कि सही डेटा और नियमित मॉनिटरिंग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
CHC पहाड़ी के उत्कृष्ट कार्य की सराहना
बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहाड़ी द्वारा बाल पंजीकरण के क्षेत्र में किए गए बेहतर कार्य की सराहना की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसी प्रकार कार्य करने और अपनी रैंकिंग एवं प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए।
आशा बहुओं का मानदेय समय से देने के निर्देश
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं (ASHA Workers) के मानदेय भुगतान की भी समीक्षा की गई।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी आशा बहुओं का भुगतान समय पर किया जाए और किसी भी प्रकार की देय राशि लंबित नहीं रहनी चाहिए।
आयुष्मान कार्ड बनाने में चित्रकूट ने हासिल की 90.34% प्रगति
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद में अब तक 90.34 प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इस पर सीडीओ ने निर्देश दिए कि:
- शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं।
- कोई भी पात्र व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना के लाभ से वंचित न रहे।
- कार्ड निर्माण अभियान को और तेज किया जाए।
रोगी कल्याण समिति की बैठकें नियमित कराने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रोगी कल्याण समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नियमित समीक्षा आवश्यक है।
इन स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- कम्प्यूटरीकृत मरीज पंजीकरण
- ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाएं
- MANTRA ऐप पर डिलीवरी डेटा फीडिंग
- नियमित टीकाकरण अभियान
- परिवार नियोजन कार्यक्रम
- UP Health Index Dashboard
- ई-संजीवनी (Telemedicine)
- राष्ट्रीय रोग उन्मूलन कार्यक्रम
- प्रसव इकाइयों में मानव संसाधनों की उपलब्धता
अधिकारियों को सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर दिया गया जोर
मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, डिजिटल हेल्थ सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी देवेंद्र सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






