न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए वैश्विक समुदाय से दोहरे मापदंड समाप्त करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने कहा कि “आतंकी सिर्फ आतंकी होता है, उसे किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।”उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को राजनीतिक हितों या अलग-अलग मानकों से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
आतंकवाद को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता
संयुक्त राष्ट्र की ग्लोबल काउंटर-टेररिज्म स्ट्रैटेजी (GCTS) की नौवीं समीक्षा बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए राजदूत पी. हरीश ने कहा कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करना होगा।उन्होंने कहा कि भारत दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना करता रहा है और इसी अनुभव के आधार पर देश ने आतंकवाद के प्रति पूर्ण असहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है।
टेरर फाइनेंसिंग और नई तकनीकों पर जताई चिंता
भारत ने अपने संबोधन में आतंकवादी संगठनों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग यानी टेरर फाइनेंसिंग पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य उभरती तकनीकों के आतंकवादी दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
तीन दशक पुराने CCIT को जल्द लागू करने की मांग
भारत ने संयुक्त राष्ट्र से एक बार फिर कॉम्प्रीहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द से जल्द अपनाने की मांग दोहराई।भारत का कहना है कि इस वैश्विक समझौते के लागू होने से आतंकवाद की स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय परिभाषा तय होगी और आतंकियों को किसी भी देश में सुरक्षित पनाह मिलने की संभावना कम होगी।
गाजा संकट पर भारत का मानवीय रुख
आतंकवाद के मुद्दे के साथ-साथ भारत ने गाजा में जारी मानवीय संकट पर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) की प्लेजिंग कॉन्फ्रेंस में भारत ने घोषणा की कि वह एजेंसी को 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
फिलिस्तीन को अब तक 175 मिलियन डॉलर से अधिक सहायता
भारत ने बताया कि अब तक फिलिस्तीनी लोगों के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की विकास एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।पिछले तीन वर्षों में भारत ने गाजा और फिलिस्तीन के लिए लगभग 150 टन राहत सामग्री भी भेजी है, जिसमें दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और आवश्यक राहत सामग्री शामिल हैं
टू-स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन दोहराया
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह द्वि-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करता है।भारत का मानना है कि एक स्वतंत्र, संप्रभु और व्यवहार्य फिलिस्तीन का गठन होना चाहिए, जो सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इजरायल के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रह सके।
भारत की विदेश नीति का स्पष्ट संदेश
संयुक्त राष्ट्र में भारत के ताजा बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला कि नई दिल्ली एक ओर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई की पक्षधर है, वहीं दूसरी ओर मानवीय संकटों में राहत पहुंचाने और शांतिपूर्ण समाधान को भी समान महत्व देती है।आतंकवाद पर “दोहरे मापदंड खत्म हों” और गाजा के लिए मानवीय सहायता—दोनों मुद्दों पर भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी संतुलित, जिम्मेदार और स्पष्ट विदेश नीति का परिचय दिया।
रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी






