अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में संत समाज खुलकर सामने आया है। संत मंडल ने ट्रस्ट से अपील की है कि उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए। संतों का कहना है कि चंपत राय ने स्वयं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने का अनुरोध किया है, जिससे उनकी पारदर्शिता और जवाबदेही स्पष्ट होती है।
संतों ने कहा कि किसी भी प्रकार के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उनका मानना है कि चंपत राय ने श्रीराम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए उन्हें जांच पूरी होने तक अपना दायित्व निभाने का अवसर मिलना चाहिए। संत मंडल ने कहा कि यदि किसी प्रकार की शंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर इस्तीफा स्वीकार करना उचित नहीं होगा। उन्होंने ट्रस्ट से आग्रह किया कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई जल्दबाजी में निर्णय न लिया जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अयोध्या और प्रदेश की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब सभी की नजर ट्रस्ट के अगले कदम और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
Shivanshu patwa






