मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कालीखोह धाम और विंध्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने मां कालीखोह मंदिर कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने पहले चरण के निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और कालीखोह धाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करना है।
मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर की तर्ज पर होगा विकास
सरकार की योजना के अनुसार, कालीखोह धाम का विकास मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। हालांकि, परियोजना के दौरान मंदिर की मूल धार्मिक संरचना और ऐतिहासिक स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्य इस तरह किए जाएंगे कि मंदिर की प्राचीन पहचान और धार्मिक आस्था पूरी तरह सुरक्षित रहे।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कालीखोह कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में संगमरमर का विशाल प्लाजा, चौड़ा परिक्रमा मार्ग, बेहतर सड़क संपर्क, सुगम प्रवेश और निकास मार्ग, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कालीखोह धाम पहुंचते हैं, लेकिन संकरी गलियों, भीड़भाड़ और सीमित सुविधाओं के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कॉरिडोर बनने के बाद दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
आस्था और तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र
मिर्जापुर का मां कालीखोह मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर मां महाकाली ने रक्तबीज का संहार किया था। मंदिर में मां काली की खेचरी मुद्रा में विराजमान प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।कालीखोह धाम, मां विंध्यवासिनी मंदिर और अष्टभुजा देवी मंदिर के साथ मिलकर बनने वाली त्रिकोण यात्रा को अत्यंत पवित्र माना जाता है। देशभर से श्रद्धालु इस धार्मिक परिक्रमा को पूरा करने के लिए मिर्जापुर पहुंचते हैं।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि कालीखोह कॉरिडोर बनने के बाद मिर्जापुर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। बेहतर आधारभूत सुविधाओं से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।प्रदेश सरकार पहले ही अयोध्या, काशी, मथुरा और विंध्य धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर तेजी से काम कर रही है। अब कालीखोह कॉरिडोर परियोजना को भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।यदि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में कालीखोह धाम देश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
