Home Crime Meerut Saurabh Murder Case: नीले ड्रम हत्याकांड में फैसले की घड़ी करीब,...

Meerut Saurabh Murder Case: नीले ड्रम हत्याकांड में फैसले की घड़ी करीब, मुस्कान और साहिल की बढ़ी बेचैनी

47
0

मेरठ: बहुचर्चित मेरठ नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड अब अपने अंतिम कानूनी चरण में पहुंच चुका है। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इस चर्चित मामले में फैसला आने की संभावना है। कोर्ट के निर्णय से पहले मेरठ जिला जेल में बंद दोनों आरोपी मुस्कान और साहिल की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे फैसले की तारीख नजदीक आ रही है, दोनों आरोपियों के व्यवहार और मानसिक स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है।

मेरठ जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, अदालत में सुनवाई अंतिम दौर में पहुंचने के बाद दोनों आरोपी अक्सर अपने मुकदमे की स्थिति और संभावित फैसले को लेकर सवाल करते हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि अदालत उन्हें दोषी ठहराती है तो सजा क्या होगी। हालांकि, जेल प्रशासन स्पष्ट करता है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह अदालत के अधिकार क्षेत्र में है और किसी भी तरह का अनुमान लगाना संभव नहीं है।

मानसिक तनाव कम करने के लिए हो रही काउंसलिंग

जेल प्रशासन ने बताया कि दोनों आरोपियों की नियमित काउंसलिंग कराई जा रही है। जेल के चिकित्सक समय-समय पर उनकी मानसिक स्थिति की समीक्षा करते हैं और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराते हैं। अधिकारियों का कहना है कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से दोनों को मनोवैज्ञानिक सहायता और नियमित काउंसलिंग दी जा रही है।

धार्मिक गतिविधियों में समय बिता रही है मुस्कान

जेल सूत्रों के अनुसार, आरोपी मुस्कान पिछले कुछ समय से धार्मिक गतिविधियों में अधिक रुचि ले रही है। वह जेल परिसर में आयोजित भजन, कीर्तन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेती है तथा प्रार्थना और पूजा-पाठ में समय बिताती है। जेल प्रशासन का मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां कैदियों के मानसिक संतुलन और तनाव कम करने में सहायक हो सकती हैं।

बेटी को नए नाम से पुकारने की चर्चा

मामले से जुड़ी एक और जानकारी भी सामने आई है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान पहले अपनी बेटी को “राधा” नाम से पुकारती थी, लेकिन अब वह उसे “मन्नत” कहकर बुला रही है। बताया जा रहा है कि वह अपनी बेटी के बेहतर भविष्य और परिवार की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है।

साहिल भी फैसले को लेकर चिंतित

दूसरी ओर सह-आरोपी साहिल भी अदालत के संभावित फैसले को लेकर चिंतित बताया जा रहा है। जेल प्रशासन के अनुसार, वह भी कई बार अधिकारियों से मुकदमे की प्रगति और संभावित परिणाम के बारे में जानकारी लेने का प्रयास करता है। हालांकि, अधिकारी उसे केवल यही बताते हैं कि अंतिम निर्णय पूरी तरह अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

अब पूरे मामले में सभी की निगाहें अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड को लेकर लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद आने वाला फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा। अदालत के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों पर लगे आरोप सिद्ध होते हैं या नहीं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here