चंडीगढ़: पंजाब में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित चार महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाएं फिलहाल जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। करोड़ों रुपये की इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित भूमि का अधिग्रहण और रेलवे को उसका हस्तांतरण आवश्यक है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पंजाब सरकार को पत्र लिखकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है, ताकि इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो सके।
कौन-कौन सी रेलवे परियोजनाएं हैं लंबित?

भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण निम्नलिखित चार परियोजनाएं प्रभावित हैं—
- अलाल–हिम्मताना कॉर्ड रेल लाइन
- फिरोजपुर–पट्टी नई रेल लाइन
- तलवंडी साबो–रामा मंडी–सड्डा सिंहवाला रेल लाइन
- कादियां–ब्यास नई रेल लाइन
इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य पंजाब में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और नए क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है।
इन परियोजनाओं से क्या होंगे फायदे?
परियोजनाएं पूरी होने के बाद राज्य को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है—
- रेल संपर्क में सुधार
- कई क्षेत्रों को पहली बार सीधी रेल सुविधा
- यात्रा का समय कम होगा
- माल ढुलाई अधिक सुगम और तेज होगी
- किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा
- व्यापार और उद्योग को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट
- क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा
जमीन अधिग्रहण क्यों है सबसे बड़ी चुनौती?
रेलवे परियोजनाओं के निर्माण से पहले आवश्यक भूमि का अधिग्रहण और उसका रेलवे को हस्तांतरण अनिवार्य होता है।फिलहाल यही प्रक्रिया लंबित होने के कारण परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। जब तक संबंधित भूमि उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक रेलवे आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के अनुसार, केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है, ताकि इन बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं का कार्य जल्द शुरू हो सके।
अब आगे क्या?
अब इन परियोजनाओं की प्रगति काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि पंजाब सरकार भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया कब तक पूरी करती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।






