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आजाद बिंद केस से जुड़े एनकाउंटर पर उठे सवाल, मृतक रवि यादव की मां पहुंचीं कोर्ट

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जौनपुर के चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड से जुड़े कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। मुठभेड़ में मारे गए आरोपी रवि यादव की मां अमरावती देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया है। उन्होंने एसओजी प्रभारी समेत 23 पुलिसकर्मियों पर कथित फर्जी एनकाउंटर में अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजेएम कोर्ट ने खेतासराय थाना पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी।

अमरावती देवी की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि आजाद बिंद हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद पुलिस उनके बेटे रवि यादव की तलाश कर रही थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि पुलिस ने रवि यादव को दिल्ली से हिरासत में लिया और उसे जौनपुर लाने के बाद बाद में मुठभेड़ का घटनाक्रम दिखाकर उसकी हत्या कर दी। अदालत में दाखिल अर्जी में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित एनकाउंटर संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। प्रार्थना पत्र में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि रवि यादव को बेहद करीब से गोली मारी गई थी।

परिजनों का आरोप है कि अगर रवि यादव पुलिस के लिए वांछित था तो उसे गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर उसकी जान ले ली गई। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री स्तर पर शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अमरावती देवी ने अदालत की शरण लेते हुए एसओजी प्रभारी, तत्कालीन थानाध्यक्षों समेत 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

मामले को सुनते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खेतासराय थाना पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अब 7 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। फिलहाल यह पूरा मामला अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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